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मध्य प्रदेश
गुजरात की तरह समृद्धि के पथ पर मध्य प्रदेश : सीएम मोहन यादव
SHIDDHANT
30 April 2026 9:28 PM IST

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Bhopal भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को कहा कि मध्य प्रदेश लगातार समृद्धि की ओर बढ़ रहा है और गुजरात की तर्ज पर विकास करने की राह पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश गुजरात की तरह ही समृद्ध हो रहा है। उन्होंने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और राज्य में विकास की अहम पहलों के लिए केंद्र सरकार के सहयोग को दिया। सीएम यादव ने ये बातें भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित 'कृषि कर्मयोगी' (कृषि कार्यकर्ता) ओरिएंटेशन ट्रेनिंग और वर्कशॉप को संबोधित करते हुए कहीं।
प्रमुख परियोजनाओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश को तीन महत्वपूर्ण नदी-जोड़ो परियोजनाएं मिली हैं, जिनसे जल उपलब्धता में काफी सुधार होने और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट से बुंदेलखंड क्षेत्र को फ़ायदा हो रहा है, जबकि पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) प्रोजेक्ट से मध्य प्रदेश के कई जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्य राजस्थान को भी सिंचाई और पानी की सुविधा मिलेगी।
सीएम यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रोजेक्ट की कुल लागत का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा दिया है, जो जल सुरक्षा, सिंचाई के विस्तार और ग्रामीण विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दिखाता है। उन्होंने यह भी बताया कि राजस्थान के कई जिलों के लोगों ने पीकेसी प्रोजेक्ट पर आम सहमति बनाने और इसकी प्रगति में मदद करने के लिए मध्य प्रदेश का आभार व्यक्त किया है। मध्य प्रदेश को 'नदियों की मातृभूमि' बताते हुए मुख्यमंत्री ने जल संसाधनों के प्रभावी उपयोग, संरक्षण और वैज्ञानिक प्रबंधन की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि जिस तरह गुजरात का विकास माँ नर्मदा के आशीर्वाद से हुआ, उसी तरह हम भी नर्मदा के जल का उपयोग करके अपने पूरे राज्य में समृद्धि लाने के लिए काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और लंबे समय तक इसकी निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए जल संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। किसानों और कृषि के भविष्य के लिए पानी की हर एक बूंद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने टेक्नोलॉजी अपनाने, बेहतर तालमेल और बेहतर सेवा वितरण तंत्र के ज़रिए कृषि के आधुनिकीकरण के लिए सरकार के प्रयासों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ई-गवर्नेंस, 'सार्थक' ऐप, उर्वरक वितरण में सुधार और पराली प्रबंधन जैसी पहलों को प्राथमिकता दी जा रही है। 'किसान कल्याण वर्ष' का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों और ग्रामीण इलाकों के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए एक समन्वित दृष्टिकोण के माध्यम से 16 विभागों की योजनाओं को एकीकृत किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी पहल और कार्यशालाएं कृषि उत्पादकता को बेहतर बनाने, किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सहारा देने में अहम भूमिका निभाएंगी। उन्होंने आगे कहा कि जल प्रबंधन, बुनियादी ढांचे के विकास और नवाचार पर लगातार ध्यान देने से मध्य प्रदेश को आने वाले वर्षों में दीर्घकालिक विकास और समृद्धि हासिल करने में मदद मिलेगी।
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