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मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश: दिग्विजय सिंह ने रायसेन और सीहोर के गेहूं घोटाले की जांच की मांग उठाई
SHIDDHANT
15 April 2026 8:48 PM IST

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Bhopal भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर रायसेन एवं सीहोर जिले से जुड़े गेहूं घोटाले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने इसे गंभीर आर्थिक अनियमितता बताते हुए राज्य आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) से निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया है। दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में लिखा है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पूर्व विधानसभा क्षेत्र बुधनी तथा वर्तमान लोकसभा क्षेत्र से लगभग 150 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में वे पहले भी 25 जुलाई 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच की मांग कर चुके हैं, किंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। बताया गया है कि रायसेन जिले की औबेदुल्लागंज तहसील के दिवटिया, अब्दुल्लागंज एवं नूरगंज स्थित सरकारी वेयरहाउस में रखे गेहूं की देखरेख और भंडारण में अत्यधिक खर्च किया गया, जबकि लगभग 40 हजार टन गेहूं सड़कर पूरी तरह खराब हो गया। इस गेहूं का बाजार मूल्य लगभग 100 करोड़ रुपये बताया गया है। हैरानी की बात यह है कि इसके रखरखाव एवं किराये पर ही लगभग 150 करोड़ रुपये व्यय कर दिए गए।
उन्होंने आगे बताया गया है कि वर्ष 2017 से 2020 के बीच समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूं को समय पर न तो भारतीय खाद्य निगम द्वारा उठाया गया और न ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से जरूरतमंदों तक पहुंचाया गया। परिणामस्वरूप, लंबे समय तक भंडारण के कारण गेहूं में कीड़े लग गए और वह अनुपयोगी हो गया।
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि जब गेहूं खराब हो गया, तो उसे जिम्मेदार निजी गोदाम संचालकों को बचाने के उद्देश्य से बकतरा (सीहोर) से हटाकर रायसेन जिले के वेयरहाउस में स्थानांतरित कर दिया गया। इस प्रक्रिया में परिवहन कार्य भी कथित रूप से एक करीबी व्यक्ति को सौंपा गया, जिसमें करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे प्रकरण में जानबूझकर गेहूं को 4-5 वर्षों तक गोदामों में रखा गया ताकि संबंधित गोदाम मालिकों को भारी-भरकम किराया दिया जा सके। जबकि नियमानुसार अतिरिक्त स्टॉक होने पर समय पर नीलामी या वितरण किया जाना चाहिए था।
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों एवं निजी गोदाम मालिकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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