मध्य प्रदेश

Lokayukta's की ताबड़तोड़ कार्रवाई, अधिकारी की संपत्ति जांच में बड़ा खुलासा

Ratna Netam
21 July 2026 4:19 PM IST
Lokayuktas  की ताबड़तोड़ कार्रवाई, अधिकारी की संपत्ति जांच में बड़ा खुलासा
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Indore इंदौर : मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त पुलिस ने मध्य प्रदेश वेस्ट जोन इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के एक वरिष्ठ वित्त अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में छापेमारी की है। मंगलवार को लोकायुक्त की टीम ने अधिकारी से जुड़े इंदौर, धार और मुरैना स्थित कुल 9 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी।

लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में अधिकारी के पास उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से काफी अधिक संपत्ति होने के संकेत मिले हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि अधिकारी के पास कथित तौर पर आय के मुकाबले करीब 258 प्रतिशत अधिक संपत्ति मौजूद है। इसी आधार पर लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है।

मंगलवार सुबह से ही लोकायुक्त की अलग-अलग टीमों ने अधिकारी और उनके परिवार से जुड़े आवासीय परिसरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया। कार्रवाई के दौरान टीमों ने संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी, निवेश संबंधी रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण कागजातों की जांच शुरू की है।

लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि आय से अधिक संपत्ति मामले में यह पता लगाया जा रहा है कि अधिकारी ने अपनी आय के मुकाबले इतनी बड़ी संपत्ति किस माध्यम से अर्जित की। इसके लिए उनकी आय, खर्च, संपत्तियों और निवेश की विस्तृत जांच की जा रही है।

जांच एजेंसियां अधिकारी के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज संपत्तियों की भी जानकारी जुटा रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि तलाशी पूरी होने के बाद ही संपत्ति और अन्य दस्तावेजों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

लोकायुक्त की कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा बताई जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए जांच की जा रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बताया जा रहा है कि बिजली कंपनी में वित्त अधिकारी का पद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वाला होता है। ऐसे में अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है।

लोकायुक्त टीम ने छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य सामग्री को जांच के लिए सुरक्षित किया है। अब विशेषज्ञों की मदद से इनकी जांच की जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि कौन-कौन सी संपत्तियां वैध आय से जुड़ी हैं और किन संपत्तियों का स्रोत संदिग्ध है।

फिलहाल लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है। अधिकारियों का कहना है कि तलाशी पूरी होने के बाद ही बरामद संपत्ति, दस्तावेज और अन्य जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। इस मामले में आगे की जांच के आधार पर आरोपी अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

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