मध्य प्रदेश

इंदौर में रोड-वाइडनिंग परियोजना के तहत जमीन मालिकों को TDR का लाभ

Kavita2
31 May 2026 9:43 AM IST
इंदौर में रोड-वाइडनिंग परियोजना के तहत जमीन मालिकों को TDR का लाभ
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : इंदौर में चल रहे मास्टर प्लान रोड-वाइडनिंग प्रोजेक्ट्स के तहत प्रभावित जमीन मालिकों को अब ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (TDR) का फायदा मिलेगा। इंदौर नगर निगम ने इस संबंध में आधिकारिक घोषणा करते हुए साफ किया है कि सड़क चौड़ीकरण के कारण जिन लोगों की जमीन का हिस्सा अधिग्रहित किया गया है, उन्हें नियमों के अनुसार TDR सर्टिफिकेट दिया जाएगा।

यह पूरी पहल म्युनिसिपल कमिश्नर क्षितिज सिंघल के निर्देशन में लागू की जा रही है। नगर निगम का उद्देश्य शहर में ट्रैफिक फ्लो को बेहतर बनाना और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक रूप देना है। इसके तहत छावनी रोड और जिंसी रोड जैसे प्रमुख मार्गों को चौड़ा करने का काम तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

नगर निगम के अनुसार, रोड-वाइडनिंग के लिए जिन जमीनों या प्लॉट के हिस्सों का उपयोग किया जाएगा, उसके बदले प्रभावित भू-स्वामियों को उचित मुआवजा TDR के रूप में दिया जाएगा। यह व्यवस्था भूमि मालिकों को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ-साथ विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की जा रही है।

TDR प्रणाली के तहत जमीन मालिकों को एक प्रमाणपत्र दिया जाएगा, जिसे वे भविष्य में अन्य निर्माण परियोजनाओं में अतिरिक्त विकास अधिकार (Development Rights) के रूप में उपयोग कर सकेंगे। इसका मतलब यह है कि प्रभावित भू-स्वामी अपने शेष प्लॉट पर भवन निर्माण के दौरान अतिरिक्त एफएआर (Floor Area Ratio) या निर्माण क्षमता का लाभ ले सकेंगे।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, यह नीति शहरी विकास और भूमि स्वामित्व के हितों के बीच संतुलन बनाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल सड़क चौड़ीकरण जैसी योजनाओं को गति मिलेगी, बल्कि प्रभावित नागरिकों को भी नुकसान की भरपाई एक नए तरीके से मिल सकेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि TDR प्रणाली शहरी विकास योजनाओं में एक प्रभावी मॉडल साबित हो सकती है, क्योंकि इससे सरकार पर तत्काल नकद मुआवजे का बोझ कम होता है और जमीन मालिकों को भविष्य में विकास अधिकार के रूप में लाभ मिलता है।

इंदौर में चल रहे इस प्रोजेक्ट के तहत शहर की प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सड़क चौड़ीकरण के साथ-साथ ड्रेनेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं में भी सुधार किया जा रहा है।

नगर निगम ने यह भी कहा है कि इस योजना को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि किसी भी भूमि मालिक को असुविधा न हो और विकास कार्य बिना बाधा के आगे बढ़ सकें।

इस निर्णय से शहर के विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है और आने वाले समय में इंदौर की शहरी संरचना अधिक आधुनिक और सुव्यवस्थित रूप में विकसित हो सकती है।

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