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कूनो का चीता KGP-1 मध्य प्रदेश के ग्वालियर के जंगलों में पहुंचा, फॉरेस्ट टीम सतर्क

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : ग्वालियर जिले के घाटी गांव के जंगलों में कूनो नेशनल पार्क से निकला चीता KGP-1 करीब 25 दिन बाद देखा गया है। फॉरेस्ट डिपार्टमेंट और कूनो टीम ने इसकी पुष्टि करने के बाद सुरक्षा बढ़ा दी है और इसे निगरानी में रखने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं।
KGP-1 को रेडियो कॉलर लगाया गया है, जिससे उसकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। यह चीता पहले कूनो के जंगलों में करीब तीन महीने तक रहा था। कूनो रिज़र्व छोड़ने के बाद, यह जंगलों में लगातार घूमता रहा और शिवपुरी मार्ग से होते हुए ग्वालियर के घाटी गांव के आरोन जंगलों तक पहुंच गया।
फॉरेस्ट अधिकारियों ने बताया कि चीते की मूवमेंट ट्रैक करने के लिए एक खास एंटीना और रेडियो कॉलर का इस्तेमाल किया जा रहा है। वर्तमान में, आरोन के जंगलों में आठ सदस्यीय टीम—ग्वालियर फॉरेस्ट डिपार्टमेंट से चार और कूनो टीम से चार—चीते पर लगातार नजर रख रही है। टीम का मुख्य उद्देश्य है कि चीते और स्थानीय रिहायशी इलाकों के बीच किसी भी तरह की अनहोनी न हो।
KGP-1 के आने से पहले, कूनो नेशनल पार्क का एक और बड़ा चीता KP-2 सैंक्चुअरी की सीमा पार कर राजस्थान में 55 दिन तक घूमता रहा। KP-2 पहले बारां जिले में 45 दिन और बाद में कोटा जिले में 10 दिन रहा। इसकी रिहायशी इलाकों में गतिविधियों के कारण सुरक्षा पर गंभीर चिंता उत्पन्न हुई, जिससे कुनो सैंक्चुअरी के अधिकारियों को इसे वापस लाना पड़ा। अंततः, 28 मार्च को KP-2 को कूनो रिज़र्व में वापस छोड़ा गया और हेल्थ चेक-अप के बाद सुरक्षित लौटाया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, KGP-1 का मध्य प्रदेश के जंगलों में प्रवेश करना सामान्य जंगल के विस्तार और प्रजातियों की खोज का हिस्सा है। लेकिन, इसे रेडियो कॉलर और एंटीना से ट्रैक करना इसलिए जरूरी है ताकि वन्यजीव और मानव आबादी के बीच किसी भी तरह की टकराव की स्थिति को रोका जा सके।
कूनो नेशनल पार्क के अधिकारी बताते हैं कि इन दोनों चीते की गतिविधियों से यह स्पष्ट होता है कि पार्क से बाहर निकलने वाले शिकारियों का व्यवहार और उनकी जगह तलाशने की प्रवृत्ति लगातार बदल रही है। यह वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके लिए प्राकृतिक आवास की आवश्यकता पर भी जोर देता है।
ग्वालियर फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि KGP-1 फिलहाल आरोन जंगलों में घूम रहा है और टीम उसकी हर गतिविधि पर नजर रख रही है। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह के संपर्क से बचें और चीते की गतिविधियों के बारे में तुरंत अधिकारियों को सूचित करें।





