मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के नए चीफ जस्टिस के लिए जस्टिस अल्पेश कोगजे के नाम की सिफारिश

Kavita2
1 Sept 2026 9:56 AM IST
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के नए चीफ जस्टिस के लिए जस्टिस अल्पेश कोगजे के नाम की सिफारिश
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भोपाल : सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस पद के लिए गुजरात हाई कोर्ट के जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे के नाम की सिफारिश की है। कॉलेजियम की सोमवार को हुई बैठक में इस संबंध में फैसला लिया गया। अब केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे वर्तमान में गुजरात हाई कोर्ट में न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनके अनुभव, वरिष्ठता और न्यायिक कार्यों को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद के लिए उनके नाम की अनुशंसा की है।

कॉलेजियम ने की सिफारिश

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सोमवार को बैठक कर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस पद के लिए उपयुक्त नाम पर विचार किया। बैठक के बाद जस्टिस कोगजे के नाम की सिफारिश की गई।

कॉलेजियम में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और अन्य वरिष्ठ न्यायाधीश शामिल होते हैं, जो हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर सिफारिश करते हैं।

जस्टिस विवेक रूसिया संभाल रहे हैं कार्यभार

फिलहाल मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस का पद एक्टिंग व्यवस्था के तहत चल रहा है। जस्टिस विवेक रूसिया वर्तमान में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति के बाद हाई कोर्ट को स्थायी नेतृत्व मिल सकेगा और न्यायिक प्रशासन को मजबूती मिलेगी।

जस्टिस अल्पेश कोगजे का न्यायिक अनुभव

जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे गुजरात हाई कोर्ट के अनुभवी न्यायाधीशों में शामिल हैं। उन्होंने न्यायिक सेवा में लंबे समय तक काम किया है और कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की है।

उनकी नियुक्ति को न्यायिक प्रशासन में अनुभव और दक्षता के आधार पर देखा जा रहा है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट जैसे बड़े न्यायिक संस्थान की जिम्मेदारी संभालने के लिए उनके अनुभव को महत्वपूर्ण माना गया है।

हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की भूमिका

किसी भी हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। मुख्य न्यायाधीश न्यायिक प्रशासन की निगरानी करते हैं, पीठों के गठन और मामलों के सुचारू संचालन से जुड़े फैसले लेते हैं।

इसके अलावा न्यायिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने और लंबित मामलों के निपटारे में भी चीफ जस्टिस की अहम भूमिका होती है।

नियुक्ति प्रक्रिया के अगले चरण

कॉलेजियम की सिफारिश के बाद अब यह प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास जाएगा। केंद्र सरकार की मंजूरी और राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद नियुक्ति की अधिसूचना जारी की जाएगी।

इसके बाद जस्टिस अल्पेश कोगजे मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ले सकेंगे।

न्यायिक व्यवस्था में बदलाव

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति से न्यायिक व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। हाई कोर्ट में बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं, ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी नेतृत्व जरूरी माना जाता है।

नए मुख्य न्यायाधीश के सामने न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने, लंबित मामलों के निपटारे और अदालतों के बेहतर संचालन जैसी कई जिम्मेदारियां होंगी।

वकीलों और न्यायिक क्षेत्र की नजर

जस्टिस कोगजे के नाम की सिफारिश के बाद मध्य प्रदेश के न्यायिक क्षेत्र में भी चर्चा तेज हो गई है। वकीलों और न्यायिक अधिकारियों की नजर अब उनकी नियुक्ति की अंतिम प्रक्रिया पर है।

अगर केंद्र सरकार और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलती है तो जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे जल्द ही मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पद संभाल सकते हैं।

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद नियुक्ति प्रक्रिया के अगले चरण का इंतजार है। जस्टिस कोगजे की संभावित नियुक्ति से मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को नया नेतृत्व मिलने की उम्मीद है।

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