मध्य प्रदेश

राजगढ़ में जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 का समापन, CM ने किया जल संरक्षण का आह्वान

Kavita2
30 Jun 2026 5:50 PM IST
राजगढ़ में जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 का समापन, CM ने किया जल संरक्षण का आह्वान
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में सोमवार को जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को समर्पित राज्य सरकारों ने पहल जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 का समापन समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह और जनभागीदारी का माहौल देखने को मिला।

जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 के समापन समारोह में मुख्यमंत्री का पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया। मंच पर उन्हें पारंपरिक पगड़ी पहनकर सम्मानित किया गया, जिससे कार्यक्रम का सांस्कृतिक महत्व और बढ़ गया। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रतिनिधि, अधिकारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

कार्यक्रम का आयोजन राजगढ़ जिले में किया गया, जहां जल संरक्षण, नदी पुनर्जीवन और पर्यावरण संतुलन को लेकर राज्य सरकार की विभिन्न पहलों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसके लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने मंत्रियों में कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन आंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि पानी की हर बूंद का संरक्षण आने वाली जरूरतों के भविष्य के लिए जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जल संसाधनों को स्वच्छ और संरक्षित रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भैंसवामाता क्षेत्र का भी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पवित्र स्थल भैंसवामाता क्षेत्र स्थित पवित्र दूध तलैया में विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने धार्मिक परंपराओं के अनुसार आस्था व्यक्त करते हुए क्षेत्र की समृद्धि और जनता की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने भैंसवामाता और माता बिजासन मंदिर में भी दर्शन किए। उन्होंने प्रदेश के नागरिकों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। धार्मिक स्थलों पर दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उनके साथ संवाद भी किया।

माता बिजासन मंदिर में दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में समाज को एकता और पर्यावरण की प्रति जिम्मेदारी का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति की रक्षा करना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक का कर्तव्य है।

मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने लोगों से ज़्यादा से ज़्यादा पेड़ लगाने की अपील की और कहा कि वृक्षारोपण ही आने वाले समय में जल संकट और पर्यावरण संरक्षण का सबसे असरदार समाधान है। उन्होंने यह भी कहा कि जल और जंगल दोनों का संरक्षण साथ-साथ होना चाहिए।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि जल गंगा निर्माण अभियान के तहत राज्यभर में जल संसाधनों के पुनर्जीवन, तालाबों के संरक्षण, नदियों की सफाई और जल संचयन को लेकर कई कार्य किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि समाज मिलकर प्रयास करे तो जल संकट जैसी समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं तुरंत सफल होंगी जब जनता सक्रिय रूप से उनमें भाग लेगी। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से इस अभियान से जुड़ने का आग्रह किया।

कार्यक्रम के अंत में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं, जिनमें जल संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता से जुड़े लोगों को प्रस्तुत किया गया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को जल बचाने और प्रकृति के संरक्षण के प्रति प्रेरित किया।

समारोह के समापन के साथ ही राज्य क्रियान्वयन जल गंगा निर्माण अभियान 2026 औपचारिक रूप से समाप्त हो गया, लेकिन इसके संदेश और उद्देश्य को आगे भी जारी रखने पर जोर दिया गया। प्रशासन ने कहा कि जल संरक्षण से जुड़े कार्य भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे।

इस पूरे कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा केवल सरकारी नीति नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसे हर नागरिक को निभाना होगा।

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