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इंदौर में BRTS हटाने के बाद भी ट्रैफिक संकट बरकरार, विकास कार्यों से बढ़ी परेशानी

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : इंदौर में BRTS (बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) हटाए जाने के बाद भी शहर की ट्रैफिक समस्याओं में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। इसके उलट, विभिन्न विकास कार्यों के चलते शहर में यातायात व्यवस्था और अधिक प्रभावित होती दिख रही है। पुल निर्माण, मेट्रो प्रोजेक्ट, नर्मदा जल आपूर्ति लाइन और गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों ने शहर की रफ्तार को धीमा कर दिया है, जिससे आम नागरिकों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शहर के कई प्रमुख मार्गों पर सड़कें या तो पूरी तरह से खोद दी गई हैं या फिर उन्हें संकरा कर दिया गया है। कई जगहों पर बैरिकेड लगाकर ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही धीमी हो गई है और लंबा जाम लगना आम बात हो गई है। खासकर व्यस्त समय में लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में पहले की तुलना में अधिक समय लग रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि BRTS हटाने के बाद उम्मीद थी कि ट्रैफिक सुचारू होगा, लेकिन लगातार चल रहे निर्माण कार्यों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे, अधूरी खुदाई और निर्माण सामग्री के कारण यातायात बाधित हो रहा है। पैदल चलने वालों के लिए भी कई क्षेत्रों में रास्ता सुरक्षित नहीं बचा है।
नगर निगम और संबंधित एजेंसियों द्वारा शहर में बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें मेट्रो रेल प्रोजेक्ट सबसे प्रमुख है। इसके अलावा नर्मदा जल आपूर्ति योजना और गैस पाइपलाइन बिछाने का काम भी विभिन्न इलाकों में चल रहा है। हालांकि ये परियोजनाएं भविष्य के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं, लेकिन वर्तमान में इनकी वजह से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर भारी दबाव देखा जा रहा है।
यातायात विशेषज्ञों का कहना है कि एक साथ कई बड़े प्रोजेक्ट्स के चलते शहर की सड़क क्षमता प्रभावित हो रही है। संकरी की गई सड़कों और अस्थायी बैरिकेडिंग के कारण वाहनों की गति कम हो गई है, जिससे जाम की स्थिति बढ़ रही है। इसके अलावा ट्रैफिक डायवर्जन की पर्याप्त योजना न होने से भी समस्या और गंभीर हो रही है।
दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि ये सभी परियोजनाएं शहर के दीर्घकालिक विकास के लिए आवश्यक हैं और इन्हें तय समय में पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, काम पूरा होने के बाद इंदौर की यातायात व्यवस्था अधिक आधुनिक और सुगम हो जाएगी।
फिलहाल स्थिति यह है कि इंदौर के नागरिक रोजाना जाम और देरी से परेशान हैं। स्कूल, ऑफिस और व्यवसायिक गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ रहा है। लोगों की मांग है कि निर्माण कार्यों के दौरान बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन किया जाए ताकि असुविधा को कम किया जा सके।





