- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- इंदौर चिड़ियाघर में...

इंदौर : देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल इंदौर में प्रस्तावित आधुनिक एक्वेरियम (मछलीघर) परियोजना एक बार फिर अटक गई है। इंदौर नगर निगम (IMC) शहर के चिड़ियाघर में बनने वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए अब तक कोई उपयुक्त एजेंसी नहीं खोज पाया है। दो बार टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद किसी कंपनी के आगे नहीं आने पर नगर निगम ने अब तीसरी बार करीब 40 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार कोई सक्षम एजेंसी परियोजना को क्रियान्वित करने के लिए आगे आएगी और वर्षों से लंबित यह योजना आखिरकार जमीन पर उतर सकेगी।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, आधुनिक एक्वेरियम परियोजना लंबे समय से चर्चा में है और इसकी अधिकांश तकनीकी तैयारियां पहले ही पूरी की जा चुकी हैं। परियोजना के लिए विस्तृत डिजाइन, वास्तु योजना और तकनीकी खाका तैयार कर लिया गया है। अब केवल निर्माण एजेंसी के चयन का इंतजार है, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा।
चिड़ियाघर बनेगा नया आकर्षण
प्रस्तावित एक्वेरियम इंदौर चिड़ियाघर की सबसे बड़ी आकर्षण परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। इसमें देश और विदेश की मीठे पानी तथा समुद्री जल की सैकड़ों प्रजातियों की मछलियों को रखा जाएगा। परियोजना का उद्देश्य केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि जैव विविधता के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और पर्यावरण शिक्षा को बढ़ावा देना भी है।
अधिकारियों के अनुसार, एक्वेरियम को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने की योजना है। इसमें आधुनिक तकनीक, नियंत्रित जल प्रणाली, अत्याधुनिक फिल्ट्रेशन सिस्टम और वैज्ञानिक तरीके से तैयार किए गए जलीय आवास होंगे, ताकि विभिन्न प्रजातियों की मछलियों को प्राकृतिक वातावरण जैसा माहौल मिल सके।
पानी के नीचे बनेगी विशेष टनल
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत अंडरवॉटर टनल होगी। इस विशेष सुरंग से होकर गुजरते समय पर्यटक अपने चारों ओर तैरती रंग-बिरंगी और दुर्लभ मछलियों को बेहद करीब से देख सकेंगे। यह अनुभव देश के चुनिंदा बड़े एक्वेरियम की तर्ज पर तैयार किया जाएगा और इंदौर आने वाले पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बनेगा।
इसके अलावा बच्चों और विद्यार्थियों के लिए भी विशेष जानकारी केंद्र विकसित करने की योजना है, जहां उन्हें समुद्री जीवन, जलीय पारिस्थितिकी और विभिन्न मछली प्रजातियों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
कई वर्षों से लंबित है योजना
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना पर पिछले कई वर्षों से काम चल रहा है। योजना को कई बार अंतिम रूप दिया गया, बजट में राशि का प्रावधान भी किया गया, लेकिन निर्माण एजेंसी के अभाव में काम आगे नहीं बढ़ सका।
नगर निगम ने पहले भी दो बार टेंडर जारी किए थे, लेकिन किसी कंपनी ने अंतिम रूप से काम लेने में रुचि नहीं दिखाई। कुछ एजेंसियों ने शुरुआती स्तर पर दिलचस्पी जरूर दिखाई, लेकिन बाद में उन्होंने विभिन्न कारणों का हवाला देते हुए टेंडर प्रक्रिया से खुद को अलग कर लिया।
40 करोड़ रुपये का बजट
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए नगर निगम ने अपने बजट में 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। अधिकारियों का मानना है कि परियोजना पूरी होने के बाद यह न केवल शहर के पर्यटन को नई पहचान देगी, बल्कि नगर निगम के लिए राजस्व का भी महत्वपूर्ण स्रोत बन सकती है।
इंदौर पहले से ही स्वच्छता, शहरी विकास और पर्यटन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है। ऐसे में आधुनिक एक्वेरियम बनने से शहर के पर्यटन मानचित्र को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना समय पर पूरी हो जाती है तो इंदौर के चिड़ियाघर में आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। परिवारों, छात्रों और पर्यावरण प्रेमियों के लिए यह एक नया आकर्षण होगा। इसके अलावा आसपास के राज्यों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच सकते हैं।
निगम को इस बार सफलता की उम्मीद
नगर निगम का कहना है कि तीसरी बार जारी किए गए टेंडर में आवश्यक शर्तों की समीक्षा भी की गई है, ताकि अधिक से अधिक कंपनियां इसमें भाग ले सकें। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस बार किसी अनुभवी एजेंसी का चयन हो जाएगा और वर्षों से लंबित परियोजना पर निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा।
यदि सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो आने वाले वर्षों में इंदौर का चिड़ियाघर केवल वन्यजीवों के लिए ही नहीं, बल्कि अत्याधुनिक एक्वेरियम और अंडरवॉटर टनल जैसी विश्वस्तरीय सुविधाओं के कारण भी देशभर में विशेष पहचान बना सकता है।





