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Indore : पानी की कमी, देवास नाका और महेश्वर में तकनीकी खराबी

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश ; पहले से ही पानी की कमी से जूझ रहे इंदौर शहर के कई इलाकों में बुधवार को पानी की सप्लाई में और दिक्कतें सामने आएंगी। नगर निगम की ओर से जानकारी मिली है कि देवास नाका चौराहे पर ट्रैकमैन वाल्व में तकनीकी खराबी आ गई है, जबकि महेश्वर क्षेत्र में पंप बंद होने की वजह से नलों से पानी की सप्लाई प्रभावित रही।
इस रुकावट की सूचना मिलने के बाद इंदौर नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने मौके का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान एडिशनल कमिश्नर आशीष पाठक और निगम के अन्य सीनियर अधिकारी भी मौजूद रहे।
कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तकनीकी खराबी का काम तुरंत तेज़ किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि वाल्व जल्द से जल्द ठीक हो। उन्होंने यह भी कहा कि महेश्वर पंप की स्थिति को नियंत्रित कर पानी की सप्लाई को यथाशीघ्र नॉर्मल किया जाए।
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है और जल्द ही पानी की आपूर्ति को सामान्य स्तर पर लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। निगम ने लोगों से भी अनुरोध किया है कि फिलहाल पानी का उपयोग बचत और आवश्यकताओं तक सीमित रखें।
नगर निगम के प्रवक्ता ने बताया कि ट्रैकमैन वाल्व में खराबी की वजह से देवास नाका और आसपास के कई क्षेत्रों में पानी की सप्लाई बाधित रहेगी। महेश्वर पंप में तकनीकी समस्या के कारण महेश्वर और आसपास के इलाके भी प्रभावित होंगे। अधिकारियों ने कहा कि मरम्मत पूरी होने तक पानी की आपूर्ति में बाधा बनी रह सकती है, इसलिए नागरिकों को अग्रिम तैयारी करने की सलाह दी जा रही है।
इस बीच, शहरवासियों ने चिंता जताई है कि गर्मी और बढ़ती पानी की मांग के समय यह रुकावट परेशानी बढ़ा सकती है। कई लोग सुबह से ही पानी इकट्ठा करने के लिए नलों पर कतार में खड़े रहे।
पानी की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण नगर निगम ने अगले कुछ दिनों तक नियमित पानी वितरण और इमरजेंसी टैंकर सेवा को बढ़ाने का निर्णय लिया है। निगम ने वादा किया है कि मरम्मत पूरी होते ही पानी की सप्लाई पूरी तरह से बहाल कर दी जाएगी और शहर के विभिन्न हिस्सों में जल संकट को कम करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रैकमैन वाल्व और पंप जैसी तकनीकी खराबियां नगर निगम के लिए नियमित निगरानी और रखरखाव की आवश्यकता को उजागर करती हैं। यह घटना शहर में जल प्रबंधन की चुनौतियों पर भी ध्यान खींचती है।





