मध्य प्रदेश

इंदौर फिर बनाएगा रिकॉर्ड, 1 लाख पौधों से शुरू होगा अभियान

Ratna Netam
4 Aug 2026 3:25 PM IST
इंदौर फिर बनाएगा रिकॉर्ड, 1 लाख पौधों से शुरू होगा अभियान
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मध्य प्रदेश : देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचान बना चुके इंदौर में अब पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। शहर में 9 अगस्त को एक ही दिन में एक लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। इस विशेष पौधारोपण अभियान में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष भी शामिल होंगे। प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से इस अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाने की तैयारी की जा रही है। इस वर्ष इंदौर में कुल 21 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे शहर के हरित क्षेत्र के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पौधारोपण अभियान को लेकर भाजपा इंदौर नगर और ग्रामीण इकाई की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव, नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा, विधायक मालिनी गौड़, मधु वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में अभियान की रूपरेखा, विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण की व्यवस्था, पौधों की देखभाल और जनसहभागिता बढ़ाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। सभी कार्यकर्ताओं और अधिकारियों को जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं ताकि अभियान निर्धारित लक्ष्य के अनुसार सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके।

बैठक के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर पहले भी बड़े स्तर पर पौधारोपण कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुका है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष शहर में 21 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान की विशेषता यह होगी कि अधिकांश स्थानों पर लगभग आठ फीट ऊंचे पौधे लगाए जाएंगे। बड़े पौधे लगाने के पीछे उद्देश्य यह है कि वर्षा ऋतु में उनके जीवित रहने की संभावना अधिक रहे और वे तेजी से विकसित होकर शहर के हरित क्षेत्र को मजबूत बना सकें।

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण और नियमित देखभाल भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से अपील की कि वे पौधारोपण के बाद भी उनकी सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी निभाएं, ताकि आने वाले वर्षों में यह अभियान स्थायी परिणाम दे सके।

इंदौर पहले भी बड़े पैमाने पर पौधारोपण कर रिकॉर्ड बना चुका है। मंत्री ने बताया कि रेवती रेंज क्षेत्र में एक ही दिन में 12 लाख से अधिक पौधे लगाकर शहर ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की थी। उसी अनुभव और उत्साह को आगे बढ़ाते हुए इस बार भी बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि यदि नागरिकों का सहयोग लगातार मिलता रहा तो निर्धारित 21 लाख पौधों का लक्ष्य आसानी से पूरा किया जा सकेगा।

इसी बैठक में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा ने बताया कि 9 अगस्त से 15 अगस्त तक पूरे शहर में तिरंगा अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान सभी मंडलों में तिरंगा यात्राओं का आयोजन होगा, जबकि 14 अगस्त को जिला स्तरीय भव्य तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। भाजपा कार्यकर्ताओं से घर-घर संपर्क कर लोगों को अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर राष्ट्रीय ध्वज लगाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया है।

दूसरी ओर, संभागायुक्त भास्कर लक्षकार की अध्यक्षता में आयोजित एक समीक्षा बैठक में प्राकृतिक खेती और किसानों की आय बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों के उत्पादों की बिक्री के लिए आधुनिक ई-प्लेटफॉर्म विकसित किए जाएं। इससे किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। प्रशासन का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि दोनों एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और इनके माध्यम से सतत विकास के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पेड़ों की संख्या बढ़ने से वायु प्रदूषण में कमी आती है, तापमान नियंत्रित रहता है और जैव विविधता को भी बढ़ावा मिलता है। ऐसे अभियानों से नागरिकों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है।

यदि इंदौर प्रशासन और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से इस वर्ष 21 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया जाता है और उनके संरक्षण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित होती है, तो आने वाले वर्षों में शहर का हरित क्षेत्र और अधिक विस्तृत होगा। इससे इंदौर न केवल स्वच्छता बल्कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी देश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन सकता है।

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