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क्लीन एयर सर्वे 2026 में इंदौर का जलवा, राष्ट्रीय स्तर पर दूसरे स्थान पर

इंदौर। स्वच्छता के क्षेत्र में देशभर में पहचान बना चुके इंदौर ने वायु गुणवत्ता सुधार के मामले में भी बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ‘क्लीन एयर सर्वे 2026’ में इंदौर ने राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त किया है। हालांकि, पिछले साल की रैंकिंग की तुलना में शहर एक पायदान नीचे रहा, लेकिन इसके बावजूद वायु प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों के लिए इंदौर को देश के शीर्ष शहरों में जगह मिली है।
यह उपलब्धि शहर में हवा की गुणवत्ता सुधारने, धूल नियंत्रण, हरित क्षेत्र बढ़ाने और पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाओं को लागू करने की दिशा में किए गए लगातार प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।
वायु गुणवत्ता सुधार में इंदौर का बेहतर प्रदर्शन
क्लीन एयर सर्वे 2026 में शहरों के प्रदर्शन का मूल्यांकन कई मानकों के आधार पर किया गया। इसमें वायु गुणवत्ता की निगरानी, प्रदूषण नियंत्रण के उपाय, धूल प्रबंधन, स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल, हरित क्षेत्र का विस्तार और नागरिकों की भागीदारी जैसे पहलुओं को शामिल किया गया।
इंदौर ने इन सभी क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए देशभर में दूसरा स्थान हासिल किया। शहर प्रशासन का कहना है कि यह उपलब्धि किसी एक योजना का परिणाम नहीं, बल्कि लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों का नतीजा है।
NCAP के तहत मिला प्रोत्साहन
इंदौर को नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के तहत हवा की गुणवत्ता प्रबंधन में अच्छे प्रदर्शन के लिए 15वें वित्त आयोग (XVFC) से प्रोत्साहन राशि भी मिली है।
NCAP का उद्देश्य देश के उन शहरों में वायु प्रदूषण को कम करना है, जहां प्रदूषण का स्तर चिंता का विषय रहा है। इसके तहत शहरों को प्रदूषण नियंत्रण के लिए योजनाएं तैयार करने और उन्हें प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
इंदौर ने इस योजना के तहत कई क्षेत्रों में काम किया, जिसका असर अब रैंकिंग में दिखाई दे रहा है।
स्वच्छ वायु दिवस पर मिला सम्मान
इंदौर की इस उपलब्धि के लिए सोमवार को स्वच्छ वायु दिवस के अवसर पर सम्मान प्रदान किया गया।
यह पुरस्कार नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के चेयरमैन प्रकाश श्रीवास्तव ने इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव, नगर आयुक्त क्षितिज सिंघल और स्वास्थ्य प्रभारी अश्विन शुक्ला को प्रदान किया।
सम्मान समारोह में इंदौर के पर्यावरण प्रबंधन और वायु गुणवत्ता सुधार के प्रयासों की सराहना की गई।
धूल नियंत्रण और ई-मोबिलिटी पर जोर
मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि यह उपलब्धि शहर में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए किए जा रहे लगातार प्रयासों को दर्शाती है।
उन्होंने बताया कि इंदौर में हवा की गुणवत्ता की नियमित निगरानी, धूल नियंत्रण, साफ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने, ई-मोबिलिटी को प्रोत्साहित करने और हरियाली बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण में आम नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण रही है। शहर में लोगों को स्वच्छ हवा के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए कई अभियान चलाए गए हैं।
हरियाली बढ़ाने और प्रदूषण कम करने की पहल
इंदौर प्रशासन ने शहर में हरियाली बढ़ाने के लिए कई पहल की हैं। पेड़-पौधों की संख्या बढ़ाने, सार्वजनिक स्थानों पर हरित क्षेत्र विकसित करने और पर्यावरण अनुकूल गतिविधियों को बढ़ावा देने पर काम किया गया है।
इसके अलावा सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों के दौरान धूल नियंत्रण के उपायों पर भी जोर दिया गया है।
प्रशासन का मानना है कि बढ़ते शहरीकरण के बीच पर्यावरण संतुलन बनाए रखना जरूरी है और इसी सोच के साथ योजनाएं लागू की जा रही हैं।
नागरिक भागीदारी बनी ताकत
इंदौर की सफलता में नागरिकों की भागीदारी को भी अहम माना जा रहा है। स्वच्छता अभियान की तरह वायु गुणवत्ता सुधार के प्रयासों में भी लोगों को जोड़ने की कोशिश की गई है।
लोगों को प्रदूषण कम करने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया है।
इंदौर के लिए बड़ी उपलब्धि
इंदौर पिछले कई वर्षों से स्वच्छता सर्वेक्षण में देश का अग्रणी शहर रहा है। अब वायु गुणवत्ता सुधार के क्षेत्र में भी शहर ने अपनी मजबूत पहचान बनाई है।
नगर प्रशासन का कहना है कि दूसरा स्थान हासिल करना गर्व की बात है, लेकिन लक्ष्य केवल रैंकिंग तक सीमित नहीं है। शहर को लगातार बेहतर हवा और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
आगे भी जारी रहेगा प्रयास
इंदौर प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में वायु प्रदूषण कम करने के लिए और कदम उठाए जाएंगे। साफ ईंधन, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा, बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन और हरित क्षेत्र विस्तार जैसी योजनाओं पर आगे भी काम जारी रहेगा।





