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अनंत चतुर्दशी पर बप्पा की विदाई के लिए तैयार इंदौर, 100 से ज्यादा स्थानों पर विसर्जन की व्यवस्था

इंदौर। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर इंदौर भगवान गणेश को विदाई देने के लिए पूरी तरह तैयार है। शहर में छोटी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हो चुका है, जबकि बड़े गणेश पंडालों की ओर से शाम पांच बजे से भव्य जुलूस निकाले जाएंगे। विसर्जन के लिए रवाना होने से पहले श्रद्धालुओं ने अपने-अपने पंडालों और घरों में गणपति बप्पा की अंतिम पूजा-अर्चना और आरती की। इसके बाद गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के साथ प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए ले जाने का सिलसिला शुरू हुआ।
अनंत चतुर्दशी को लेकर शहर में सुबह से ही उत्सव और भावुकता का माहौल है। कई दिनों तक भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने के बाद अब भक्त उन्हें विदाई दे रहे हैं। छोटी प्रतिमाओं को लेकर श्रद्धालु निर्धारित विसर्जन स्थलों पर पहुंच रहे हैं। वहीं बड़े पंडालों की झांकियां शाम को शहर की सड़कों पर निकलेंगी।
शाम करीब पांच बजे इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में आरती करेंगे। इसके बाद शहर में गणेश झांकियों और विसर्जन जुलूसों का दौर तेज हो जाएगा। अलग-अलग क्षेत्रों से निकलने वाली झांकियां निर्धारित मार्गों से गुजरेंगी। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
शहर के प्रमुख गणेश पंडालों में सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। श्रद्धालु बप्पा के अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। आरती के बाद भगवान गणेश से सुख-समृद्धि की कामना करते हुए अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना की जा रही है।
विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में प्रतिमाओं को देखते हुए इंदौर नगर निगम ने व्यापक तैयारियां की हैं। प्रभारी मेयर राजेंद्र राठौड़ और कमिश्नर क्षितिज सिंघल के निर्देश पर निगम ने शहर में 100 से अधिक स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था की है।
नगर निगम की ओर से किए गए इंतजामों में पर्यावरण और जल संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया है। उद्देश्य यह है कि श्रद्धालुओं को अपने नजदीकी क्षेत्र में प्रतिमा विसर्जन की सुविधा मिले और प्राकृतिक जल स्रोतों पर अनावश्यक दबाव न पड़े।
शहर में बड़ी संख्या में घरों, कॉलोनियों और सार्वजनिक पंडालों में गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। अब अनंत चतुर्दशी पर इन प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए एक साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु निकल रहे हैं। इसे देखते हुए अलग-अलग क्षेत्रों में विसर्जन की व्यवस्था होने से लोगों को दूर तक जाने की जरूरत कम होगी।
छोटी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन सुबह से शुरू हो गया। श्रद्धालु परिवार के सदस्यों के साथ बप्पा को लेकर निर्धारित स्थानों पर पहुंचे। कई स्थानों पर पूजा और आरती के बाद प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए सौंपा गया।
शाम के समय शहर का नजारा और भव्य होने की उम्मीद है। बड़े पंडालों से निकलने वाले जुलूसों के साथ आकर्षक झांकियां भी शामिल होंगी। गणेश उत्सव के अंतिम दिन इन झांकियों को देखने के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
गणेश उत्सव के दौरान कई दिनों तक पंडालों में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। अब अनंत चतुर्दशी पर उत्सव का समापन गणेश विसर्जन के साथ होगा। श्रद्धालुओं के लिए यह मौका उत्साह के साथ भावुकता का भी है। बप्पा की विदाई के दौरान अगले बरस जल्दी आने की कामना की जा रही है।
खजराना गणेश मंदिर भी अनंत चतुर्दशी के अवसर पर प्रमुख केंद्र रहेगा। शाम करीब पांच बजे कलेक्टर शिवम वर्मा यहां आरती करेंगे। इसके बाद शहरभर में झांकियों और विसर्जन जुलूसों का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
इंदौर नगर निगम ने इस बार विसर्जन व्यवस्था में पर्यावरण संरक्षण को प्रमुखता दी है। शहर में 100 से अधिक स्थानों पर व्यवस्था करने का उद्देश्य गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को व्यवस्थित बनाना है। इससे श्रद्धालुओं को भी अपने आसपास ही विसर्जन की सुविधा मिल सकेगी।
विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के सड़कों पर निकलने के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों पर भीड़ बढ़ने की संभावना है। विशेष रूप से शाम पांच बजे के बाद बड़े पंडालों की झांकियां निकलने के साथ लोगों की संख्या बढ़ सकती है।
अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन को लेकर शहर में सुबह से तैयारियां दिखाई दीं। कई परिवारों ने घरों में स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमाओं की अंतिम आरती की। फूल-मालाओं से सजाकर बप्पा को विदाई दी गई और इसके बाद प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए ले जाया गया।
सार्वजनिक गणेश पंडालों में भी विदाई से पहले विशेष पूजा की गई। आयोजन समितियों के सदस्य और श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए। इसके बाद शाम को बड़े जुलूस निकालने की तैयारियां शुरू हो गईं।
नगर निगम की कोशिश है कि विसर्जन के दौरान पर्यावरण और जल स्रोतों को कम से कम नुकसान पहुंचे। इसी उद्देश्य से शहर के विभिन्न हिस्सों में विशेष विसर्जन केंद्र बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं से इन निर्धारित स्थानों का उपयोग करने की अपेक्षा की गई है।
इंदौर में गणेश उत्सव की झांकियों की परंपरा लंबे समय से लोगों के आकर्षण का केंद्र रही है। अनंत चतुर्दशी की रात शहर की सड़कों पर निकलने वाली झांकियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इस बार भी शाम पांच बजे के बाद शहर के अलग-अलग हिस्सों से जुलूस निकलने शुरू होंगे।
पूरे आयोजन के दौरान भगवान गणेश के जयकारों के बीच श्रद्धालु बप्पा को विदाई देंगे। छोटी प्रतिमाओं का विसर्जन पहले ही शुरू हो चुका है, जबकि बड़े पंडालों के जुलूस शाम से निकलेंगे। शहर में 100 से अधिक स्थानों पर की गई विसर्जन व्यवस्था के बीच इंदौर अनंत चतुर्दशी पर अपने प्यारे बप्पा को भावपूर्ण विदाई देने के लिए तैयार है।





