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Indore : पानी संकट के बीच अवैध टैंकर बिक्री पर रोक के लिए निगम की सख्ती

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : इंदौर शहर में भूजल स्तर में लगातार गिरावट और पानी की बढ़ती कमी के बीच इंदौर नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे नगर निगम के टैंकरों के माध्यम से सप्लाई किए जाने वाले पानी की किसी भी अवैध बिक्री या खरीद की तुरंत सूचना दें। निगम ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत दिया जाने वाला पानी पूरी तरह मुफ्त है और इसका किसी भी प्रकार से व्यापार या निजी उपयोग के लिए विक्रय करना नियमों के खिलाफ है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव और नगर आयुक्त क्षितिज सिंघल ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बताया कि शहर में भूजल स्तर में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसके कारण आधे से अधिक बोरवेल या तो सूख चुके हैं या उनसे पानी का उत्पादन काफी कम हो गया है। इससे शहर के कई क्षेत्रों में जल संकट गहरा गया है और नागरिकों को नियमित जल आपूर्ति में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इस गंभीर स्थिति से निपटने और सभी क्षेत्रों में निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने व्यापक व्यवस्था लागू की है। निगम नर्मदा आधारित स्टोरेज टैंकों के माध्यम से पानी का भंडारण कर रहा है और इसके साथ ही शहर के विभिन्न वार्डों में 616 निजी अनुबंधित टैंकरों और 79 नगर निगम के स्वयं के टैंकरों के जरिए जल वितरण किया जा रहा है। यह पूरी व्यवस्था इस उद्देश्य से बनाई गई है कि किसी भी क्षेत्र में पानी की कमी न हो और सभी नागरिकों तक समान रूप से आपूर्ति पहुंच सके।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि सार्वजनिक वितरण के लिए लगाए गए सभी टैंकरों पर विशेष स्टिकर लगाए गए हैं, जिन पर स्पष्ट रूप से लिखा है कि यह पानी की सेवा पूरी तरह निशुल्क है। इसका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना और किसी भी प्रकार की गलतफहमी या अवैध लेनदेन को रोकना है।
नगर निगम ने नागरिकों से आग्रह किया है कि यदि उन्हें कहीं भी टैंकर के पानी की अवैध बिक्री या निजी रूप से पैसे लेकर वितरण की जानकारी मिले, तो तुरंत इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें। निगम ने कहा है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि सार्वजनिक संसाधनों का दुरुपयोग रोका जा सके।
नगर निगम का कहना है कि जल संकट की इस स्थिति में प्रशासन और नागरिकों के बीच सहयोग बेहद आवश्यक है। यदि सभी लोग मिलकर जिम्मेदारी निभाते हैं, तो शहर में पानी की आपूर्ति को बेहतर ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है और हर नागरिक तक पर्याप्त पानी पहुंचाया जा सकता है।





