- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- Indore : अंगदान का...
Indore : अंगदान का प्रेरक उदाहरण, दो परिवारों ने आंख और शरीर दान कर समाज को दिया संदेश

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : इंदौर में गुरुवार को मानवता और सेवा की एक प्रेरक मिसाल देखने को मिली, जब दो अलग-अलग परिवारों ने अपने परिजनों की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए आंख और शरीर दान का निर्णय लिया। दोनों मामलों में दिवंगतों के पार्थिव शरीर को मेडिकल रिसर्च और जरूरतमंदों की मदद के लिए दान किया गया।
पहला मामला रमेश बिल्लोरे का है, जो प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. ओपी बिल्लोरे के बड़े भाई थे। परिवार ने उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार उनकी आंखों का दान किया। MY हॉस्पिटल की ऑप्थल्मोलॉजी टीम ने मौके पर पहुंचकर उनकी आंखें सुरक्षित रूप से प्राप्त कीं। इसके साथ ही परिवार ने उनका पूरा शरीर भी मेडिकल शिक्षा और शोध कार्य के लिए महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग को दान कर दिया।
दूसरे मामले में 85 वर्षीय जीवन सिंह गिल के परिवार ने भी उनकी अंगदान की इच्छा को पूरा किया। MK इंटरनेशनल आई बैंक के माध्यम से उनकी आंखें दान की गईं, जिससे दृष्टिहीन लोगों के जीवन में रोशनी आने की उम्मीद जगी है। वहीं उनका शरीर इंडेक्स मेडिकल कॉलेज की टीम को शोध और अध्ययन के लिए सौंप दिया गया।
दोनों ही मामलों में इंदौर पुलिस ने भी एक भावनात्मक पहल करते हुए दिवंगत आत्माओं को अंतिम विदाई के दौरान गार्ड ऑफ ऑनर दिया। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पार्थिव देहों को सम्मानपूर्वक रवाना किया गया, जिससे माहौल और अधिक भावुक हो गया।
इस पूरे आयोजन में चिकित्सकों, पुलिसकर्मियों और परिजनों की भूमिका को सराहा गया। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के दान समाज के लिए एक प्रेरणा हैं और इससे मेडिकल शिक्षा को भी महत्वपूर्ण सहायता मिलती है।
परिजनों ने कहा कि उनके प्रियजनों की यह अंतिम इच्छा थी कि उनके जाने के बाद भी वे किसी के जीवन में उपयोगी बने रहें। इसी भावना के तहत दोनों परिवारों ने बिना किसी संकोच के अंगदान का निर्णय लिया।
इंदौर में हुए इन दोनों मामलों ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि अंगदान और शरीरदान न केवल चिकित्सा क्षेत्र को मजबूत करते हैं, बल्कि कई लोगों को नया जीवन और नई उम्मीद भी देते हैं।





