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जैव विविधता संरक्षण में इंदौर वन वृत्त को पहला स्थान, ABS मॉडल की बड़ी सफलता

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : इंदौर वन वृत्त को मध्य प्रदेश में जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले वृत्त के रूप में आधिकारिक मान्यता मिली है। इसने राज्य स्तरीय वार्षिक जैव विविधता पुरस्कार 2024-25 में पहला स्थान हासिल किया है। यह जानकारी मध्य प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा दी गई है।
यह उपलब्धि विशेष रूप से ‘एक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग’ (ABS) प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण मानी जा रही है। यह प्रणाली इस बात को सुनिश्चित करती है कि प्राकृतिक संसाधनों का व्यावसायिक उपयोग होने पर स्थानीय समुदायों को उसका उचित लाभ मिले। इस मॉडल को जैव विविधता संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में देखा जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, इंदौर वन वृत्त ने संरक्षण कार्यों को केवल नियामक प्रक्रिया तक सीमित न रखते हुए इसे सतत आर्थिक विकास के साथ जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस दृष्टिकोण ने जैव विविधता संरक्षण को एक व्यवहारिक और लाभकारी मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया है।
इस उपलब्धि के पीछे पूर्व मंडल वन अधिकारी (DFO) Pradeep Mishra और वर्तमान DFO Lal Sudhakar Singh के नेतृत्व को प्रमुख कारण माना जा रहा है। उनके प्रयासों से जैविक विविधता अधिनियम को जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू किया गया, जिससे ग्रामीण समुदायों को प्रत्यक्ष लाभ मिला।
वन विभाग के अनुसार, इस मॉडल के तहत स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ी है और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ उनके आर्थिक सशक्तिकरण पर भी जोर दिया गया है। इससे वन क्षेत्र में सतत विकास की नई दिशा मिली है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इंदौर वन वृत्त का यह मॉडल अन्य जिलों और राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है, जहां जैव विविधता संरक्षण को विकास के साथ जोड़कर अधिक प्रभावी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
इस सम्मान के साथ इंदौर वन वृत्त ने यह साबित किया है कि यदि संरक्षण नीति को सही तरीके से लागू किया जाए, तो यह न केवल पर्यावरण की रक्षा कर सकती है बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर भी पैदा कर सकती है।





