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Indore : भीषण गर्मी के बीच बिजली विभाग अलर्ट, 500 से अधिक कर्मचारी 24 घंटे ड्यूटी पर

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : इंदौर में बढ़ती गर्मी और बिजली की लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए बिजली विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर काम कर रहा है। शहर में बिजली सप्लाई को बिना बाधा जारी रखने के लिए 500 से अधिक कर्मचारी दिन-रात तैनात हैं और लगातार फील्ड में काम कर रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, अप्रैल महीने में बिजली की खपत में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है। कई दिनों में शहर की बिजली मांग 650 मेगावाट से भी अधिक पहुंच गई, जिससे सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव बना है। इस स्थिति को संभालने के लिए विभाग ने विशेष मेंटेनेंस प्लान तैयार किया है।
बिजली आपूर्ति सुचारू रखने के लिए तकनीकी टीमें रोजाना सुबह दो से तीन घंटे का निर्धारित मेंटेनेंस कर रही हैं। इस दौरान जरूरी मरम्मत और सुधार कार्य किए जाते हैं ताकि पूरे दिन निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित की जा सके। इसके बावजूद कई बार दिन के समय भी फॉल्ट आने पर कर्मचारियों को तुरंत मौके पर पहुंचकर मरम्मत करनी पड़ती है।
भीषण गर्मी में हालात और कठिन हो जाते हैं, जब तापमान 42 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। इस स्थिति में लोहे के बिजली के खंभों का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक हो जाता है। बावजूद इसके, बिजली कर्मचारी 25 से 40 फीट ऊंचे खंभों पर चढ़कर फॉल्ट सुधारते हैं और तेज गर्म हवाओं के बीच काम जारी रखते हैं।
शहर के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर डीके गाठे ने बताया कि बिजली मांग के अनुसार सप्लाई को लगातार मैनेज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गर्मी को ध्यान में रखते हुए मेंटेनेंस का काम सुबह के समय में निर्धारित किया गया है, ताकि लोड और व्यवधान को कम किया जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि उपभोक्ताओं को पहले से सूचना देने के लिए रेजिडेंट एसोसिएशन, फीडर-आधारित व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है, जिससे लोगों को बिजली कटौती या मेंटेनेंस की जानकारी समय पर मिल सके।
अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है, लेकिन कर्मचारियों की मेहनत और बेहतर प्रबंधन से स्थिति को नियंत्रित किया जा रहा है।
बिजली विभाग ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है ताकि अत्यधिक लोड की स्थिति में सिस्टम पर अनावश्यक दबाव न पड़े और शहर में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनी रहे।





