- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- Indore : मानसून से...
Indore : मानसून से पहले जर्जर इमारतों की पहचान और जलस्रोतों की सफाई अभियान तेज

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : मानसून सीजन को देखते हुए इंदौर नगर निगम ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए व्यापक अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत जर्जर और असुरक्षित इमारतों की पहचान कर उन्हें हटाने की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही तालाबों, जल स्रोतों और उनसे जुड़े ड्रेनेज चैनलों की सफाई और निरीक्षण का कार्य भी तेज कर दिया गया है।
नगर निगम का उद्देश्य बारिश के दौरान संभावित हादसों को रोकना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अधिकारियों के अनुसार, भारी बारिश के समय जर्जर इमारतों के ढहने और जलभराव की समस्या से जनहानि की आशंका रहती है, जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शहर में मौजूद सभी कमजोर और खतरनाक इमारतों की तुरंत पहचान की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में ऐसी इमारतों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यह नागरिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
कमिश्नर ने स्पष्ट कहा है कि लोगों की सुरक्षा नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संभावित खतरे वाली इमारतों को समय रहते खाली कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि बारिश के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
निर्देशों के बाद क्षेत्रीय भवन निरीक्षक और नगर निगम के अन्य अधिकारी पूरे शहर में लगातार सर्वे और जांच अभियान चला रहे हैं। अलग-अलग इलाकों में जाकर जर्जर भवनों की स्थिति का आकलन किया जा रहा है और रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
इसके साथ ही निगम ने तालाबों और जल स्रोतों की सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया है। ड्रेनेज सिस्टम की जांच कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बारिश के दौरान पानी का उचित निकास हो सके और शहर में जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल सफाई नहीं, बल्कि आपदा प्रबंधन को मजबूत करना भी है। समय रहते कमजोर संरचनाओं को चिन्हित कर कार्रवाई करने से संभावित नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।
स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी खतरनाक या जर्जर इमारत की जानकारी तुरंत नगर निगम को दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। साथ ही लोगों को जलस्रोतों और नालों के आसपास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
फिलहाल यह अभियान पूरे शहर में तेजी से जारी है और आने वाले दिनों में और भी व्यापक स्तर पर निरीक्षण किए जाने की संभावना है।





