मध्य प्रदेश

Indore: दो साल पहले चेतावनी मिली थी, अब पानी बना मौत का कारण

Admindelhi1
3 Jan 2026 3:13 PM IST
Indore: दो साल पहले चेतावनी मिली थी, अब पानी बना मौत का कारण
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इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पेयजल पीने से 15 लोगों की मौत के बाद मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। अब यह तथ्य उजागर हुआ है कि घटना से करीब दो साल पहले ही भाजपा के एक पार्षद ने जर्जर पेयजल पाइपलाइनों को बदलने को लेकर नगर निगम को चेताया था, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने इस गंभीर मुद्दे को नजरअंदाज कर दिया। इस लापरवाही को लेकर नगर निगम पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

इंदौर नगर निगम के वार्ड नंबर 11 से भाजपा पार्षद कमल वाघेला ने बताया कि उन्होंने अपने वार्ड के भागीरथपुरा क्षेत्र में पुरानी और जर्जर हो चुकी पेयजल पाइपलाइनों की स्थिति को लेकर नगर निगम को कई बार अवगत कराया था। वाघेला ने बताया कि जुलाई 2022 में नगर निगम चुनावों के बाद, 2023 की शुरुआत से ही उन्होंने आशंका जताई थी कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों के कारण पानी दूषित हो रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने इस संबंध में लिखित पत्र देने के साथ-साथ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई थी।

भाजपा पार्षद का आरोप है कि 12 नवंबर 2024 को भागीरथपुरा में नई पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए एक आधिकारिक फाइल जरूर बनाई गई, लेकिन उसे करीब सात महीने तक बिना किसी कार्रवाई के दबाकर रखा गया। वाघेला के अनुसार, बाद में महापौर पुष्यमित्र भार्गव से संपर्क करने के बाद 30 जुलाई 2025 को निविदा जारी की गई, लेकिन वह भी तय समयसीमा में पूरी नहीं हो सकी।

कमल वाघेला ने शुक्रवार 2 जनवरी को मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत कराया और इंदौर नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यदि समय रहते जर्जर पाइपलाइनों को बदल दिया गया होता, तो 15 निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सकती थी। पार्षद ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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