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Indore : जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत स्कूलों में जल संरक्षण को लेकर बड़ी पहल

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : इंदौर नगर निगम (IMC) ने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत शहर में जल संरक्षण और भूजल स्तर (ग्राउंडवाटर लेवल) को सुधारने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। इस योजना के तहत स्कूलों में मौजूद अनुपयोगी और खराब बोरवेल को रिचार्ज पिट में बदला जाएगा, ताकि बारिश के पानी का अधिकतम उपयोग किया जा सके और भूजल स्तर को बढ़ाया जा सके।
नगर निगम की इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों के माध्यम से पूरे शहर में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना भी है। योजना के तहत स्कूलों के छात्रों को पानी बचाने और वर्षा जल संचयन (रेनवाटर हार्वेस्टिंग) के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा, जिससे वे समाज में भी इस संदेश को आगे बढ़ा सकें।
इस संबंध में म्युनिसिपल कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने सिटी बस ऑफिस में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई, जिसमें शहर के सरकारी और निजी स्कूलों के प्रिंसिपलों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य बारिश के पानी को संरक्षित करने और शहर में जल संकट से निपटने के उपायों पर चर्चा करना था।
बैठक में डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर डॉ. शांता स्वामी भार्गव, असिस्टेंट इंजीनियर अश्विन जनवाड़े, डिप्टी इंजीनियर रक्षिता नगायच और रोहित बोयत, प्रिंसिपल सुनैना शर्मा सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों और शिक्षकों ने जल संरक्षण से जुड़े विभिन्न सुझाव और योजनाओं पर चर्चा की।
म्युनिसिपल कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पानी बचाना आज समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल स्रोतों को सुरक्षित रखना केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्कूलों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विद्यार्थी इस अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
नगर निगम की योजना के अनुसार, शहर के विभिन्न स्कूलों में मौजूद अनुपयोगी बोरवेल को रिचार्ज पिट में बदला जाएगा, जिससे बारिश का पानी सीधे जमीन में जाकर भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद करेगा। इसके अलावा, स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशालाएं और गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, ताकि छात्र जल संरक्षण के महत्व को समझ सकें और इसे अपने दैनिक जीवन में अपनाएं।
अधिकारियों ने बताया कि यह पहल न केवल जल संकट से निपटने में मदद करेगी, बल्कि शहर में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी योगदान देगी। बारिश के पानी को संरक्षित कर उसे उपयोगी बनाने से पानी की बर्बादी को कम किया जा सकेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में लगातार गिरते भूजल स्तर को रोकने के लिए इस तरह की योजनाएं बेहद जरूरी हैं। स्कूलों और छात्रों की भागीदारी से यह अभियान और भी प्रभावी बन सकता है।
इंदौर नगर निगम ने उम्मीद जताई है कि इस पहल से शहर में जल संरक्षण की एक मजबूत व्यवस्था विकसित होगी और लोग पानी के महत्व को अधिक गंभीरता से समझेंगे।





