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Indore में अंडरग्राउंड मेट्रो प्रोजेक्ट पर ज़रूरी समीक्षा बैठक

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद इंदौर डेवलपमेंट अथॉरिटी (IDA) के मीटिंग हॉल में अंडरग्राउंड मेट्रो प्रोजेक्ट और शहर के बड़े शहरी मुद्दों पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पूर्व डिविजनल कमिश्नर और एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजय दुबे ने की। उन्होंने किशोर कोडवानी द्वारा प्रस्तावित अंडरग्राउंड मेट्रो अलाइनमेंट के रिप्रेजेंटेशन का विस्तृत रिव्यू किया।
बैठक में दुबे ने स्पष्ट किया कि मेट्रो के अंडरग्राउंड अलाइनमेंट पर अंतिम निर्णय कई महत्वपूर्ण फैक्टर्स पर निर्भर करेगा। इनमें आर्कियोलॉजिकल सर्वे से क्लियरेंस, गजट नोटिफिकेशन, एनवायरनमेंटल इम्पैक्ट अप्रूवल और सॉइल टेस्टिंग रिपोर्ट शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल मेट्रो कंस्ट्रक्शन शुरू नहीं हुआ है और केवल शुरुआती पाइल टेस्टिंग का काम चल रहा है।
डिस्ट्रिक्ट प्लानिंग कमेटी के सामने रखे गए प्रपोजल और रिप्रेजेंटेशन की समीक्षा के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी ध्यान दिलाया कि शहर के विकास और मेट्रो निर्माण के दौरान आसपास के पर्यावरण और नागरिक सुविधाओं का ध्यान रखना अनिवार्य है।
बैठक में पांच बड़े शहरी मुद्दों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। सबसे पहले, बिगड़ती एयर क्वालिटी को लेकर चिंता जताई गई। शहर में बढ़ती प्रदूषण स्तर और ट्रैफिक के कारण नागरिकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। दूसरा मुद्दा घटते ग्राउंडवाटर लेवल का था। अधिकारी ने कहा कि सतत जल प्रबंधन के बिना शहर की जल सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। तीसरा प्रमुख विषय ट्रैफिक कंजेशन था, जिसमें शहर में लगातार बढ़ते वाहनों और ट्रैफिक जाम की समस्या पर चर्चा हुई।
चौथा मुद्दा अनसस्टेनेबल डेवलपमेंट का था। बैठक में बताया गया कि शहर के विकास में पर्यावरण और सामाजिक पहलुओं का ध्यान रखना ज़रूरी है। इसके बिना बड़े प्रोजेक्ट्स लंबे समय तक टिकाऊ नहीं रह सकते। पांचवां और आखिरी मुद्दा प्रशासनिक मनमानी और नियमों के पालन की कमी से जुड़ा था। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि सभी फैसले और कार्यवाहियां नियमों और दिशानिर्देशों के अनुरूप होनी चाहिए।
बैठक में मेट्रो प्रोजेक्ट के संभावित लाभ और जोखिमों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि निर्णय प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और तथ्य-आधारित होगी। प्रोजेक्ट के लिए ज़रूरी सभी तकनीकी, कानूनी और पर्यावरणीय अनुमोदन प्राप्त होने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
इस बैठक से यह संकेत मिलता है कि इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर प्रशासन गंभीर है और शहर के नागरिकों और पर्यावरण के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। अधिकारियों ने यह भी कहा कि आगे की समीक्षा और निर्णय प्रक्रिया नियमित रूप से हाई कोर्ट और डिस्ट्रिक्ट प्लानिंग कमेटी के मार्गदर्शन में होगी।





