मध्य प्रदेश

पत्नी को बचाने कुएं में कूदा पति, दोनों की मौत

Rajeshwari Nishad
25 Oct 2026 9:04 PM IST
पत्नी को बचाने कुएं में कूदा पति, दोनों की मौत
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बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां पत्नी को कुएं में गिरता देख उसे बचाने के लिए पति ने भी छलांग लगा दी, लेकिन दोनों की जान चली गई। यह हादसा रविवार दोपहर बैहर थाना क्षेत्र के सीताडोंगरी गांव में हुआ। महिला कुएं से पानी निकाल रही थी, तभी अचानक उसमें गिर गई। पत्नी को बचाने के प्रयास में पति भी कुएं में उतर गया, लेकिन दोनों बाहर नहीं निकल सके। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से दोनों के शव कुएं से बाहर निकाले गए। पति-पत्नी की मौत से परिवार में मातम पसर गया है।
पानी निकालते समय कुएं में गिरी महिला
जानकारी के अनुसार, बालाघाट जिले के बैहर थाना क्षेत्र के सीताडोंगरी गांव में रविवार दोपहर यह हादसा हुआ। एक महिला कुएं से पानी निकाल रही थी। इसी दौरान वह अचानक संतुलन खोकर कुएं में गिर गई।
महिला के कुएं में गिरने के बाद स्थिति गंभीर हो गई। उसे बचाने के लिए उसके पति ने तुरंत कुएं में छलांग लगा दी। पति का प्रयास पत्नी को सुरक्षित बाहर निकालने का था, लेकिन वह भी कुएं से बाहर नहीं निकल सका।कुछ ही समय में यह घटना पति-पत्नी दोनों के लिए जानलेवा साबित हुई। हादसे की जानकारी सामने आने के बाद गांव में शोक का माहौल बन गया।हालांकि महिला कुएं में कैसे गिरी और उस समय वहां अन्य लोग मौजूद थे या नहीं, इस संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
पत्नी को बचाने के प्रयास में पति की भी गई जान
इस हादसे का सबसे दुखद पहलू यह है कि पत्नी की जान बचाने के प्रयास में पति को भी अपनी जान गंवानी पड़ी।महिला के कुएं में गिरने के बाद पति ने उसे बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी। लेकिन दोनों बाहर निकलने में सफल नहीं हो सके।
कुएं की गहराई कितनी थी और उसमें कितना पानी भरा हुआ था, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि दोनों को बाहर निकालने के लिए तत्काल कोई अन्य प्रयास किया गया था या नहीं।उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, हादसे के बाद दोनों की मौत हो गई और पुलिस ने ग्रामीणों की सहायता से उनके शव बरामद किए।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलने के बाद बैहर थाना क्षेत्र की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से कुएं से दोनों शवों को बाहर निकलवाया।कुएं में गिरे दो लोगों को बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे मामलों में पानी की गहराई, कुएं की बनावट और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर बचाव कार्य प्रभावित हो सकता है।सीताडोंगरी गांव में पुलिस और ग्रामीणों के सहयोग से दोनों शव बरामद किए गए। हालांकि शवों को बाहर निकालने में कितना समय लगा, इसकी जानकारी नहीं दी गई है।पुलिस की आगे की प्रक्रिया और घटना से संबंधित अन्य विवरण भी अभी स्पष्ट नहीं हैं।
पति-पत्नी की मौत से परिवार में मातम
एक ही घटना में पति-पत्नी की मौत होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रविवार दोपहर हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।परिवार के दो सदस्यों की एक साथ मौत किसी भी परिवार के लिए बड़ी त्रासदी होती है। इस घटना के बाद सीताडोंगरी गांव में भी शोक का माहौल है।
महिला कुएं से पानी निकाल रही थी, लेकिन अचानक हुई दुर्घटना ने परिवार की जिंदगी बदल दी। पत्नी को बचाने के लिए पति का कुएं में कूदना और फिर दोनों का बाहर नहीं निकल पाना इस घटना को और भी दुखद बनाता है।फिलहाल मृतक पति-पत्नी के नाम, उम्र और परिवार के अन्य सदस्यों के संबंध में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
कुएं से पानी निकालते समय सावधानी जरूरी
ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर कुएं का उपयोग घरेलू जरूरतों और पानी की उपलब्धता के लिए किया जाता है। ऐसे में कुएं के आसपास सुरक्षा व्यवस्था होना बेहद महत्वपूर्ण है।विशेष रूप से खुले कुओं के आसपास फिसलन, कमजोर मुंडेर और पर्याप्त सुरक्षा घेरा नहीं होने जैसी परिस्थितियां दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ा सकती हैं।हालांकि सीताडोंगरी गांव में हुई इस घटना के पीछे इनमें से कौन-सी परिस्थिति जिम्मेदार थी, इसका कोई विवरण सामने नहीं आया है।कुएं से पानी निकालते समय संतुलन बनाए रखना, मजबूत स्थान पर खड़े होना और आसपास की स्थिति का ध्यान रखना जरूरी है।जहां संभव हो, वहां कुएं के चारों ओर सुरक्षित मुंडेर या घेरा दुर्घटनाओं की आशंका कम करने में मदद कर सकता है।
बचाने के प्रयास में खुद की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण
किसी व्यक्ति को पानी में गिरता देखकर उसे बचाने की कोशिश करना स्वाभाविक है। लेकिन ऐसी परिस्थितियों में बिना सुरक्षा उपकरणों के गहरे कुएं में उतरना बेहद खतरनाक हो सकता है।कुएं में पानी की गहराई, दीवारों की बनावट और बाहर निकलने के साधनों की कमी बचाव करने वाले व्यक्ति के लिए भी जोखिम पैदा कर सकती है।
विशेषज्ञों की सामान्य सुरक्षा सलाह के अनुसार, ऐसी स्थिति में तुरंत आपातकालीन सेवाओं को सूचना देना और उपलब्ध होने पर सुरक्षित स्थान से रस्सी या अन्य बचाव उपकरण की मदद लेना बेहतर होता है।बिना प्रशिक्षण और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के कुएं में छलांग लगाने से एक के बजाय कई लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।बालाघाट की इस घटना में भी पत्नी को बचाने के प्रयास में पति की जान चली गई।
ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्रोतों की सुरक्षा का महत्व
कुएं, तालाब और अन्य जलस्रोत ग्रामीण जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनका उपयोग कई तरह की घरेलू और कृषि संबंधी जरूरतों के लिए किया जाता है।लेकिन ऐसे जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा की कमी होने पर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।विशेष रूप से जिन कुओं का नियमित उपयोग किया जाता है, वहां मजबूत मुंडेर, सुरक्षित रास्ते और पानी निकालने की उचित व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है।साथ ही परिवार के सदस्यों को आपात स्थिति में सुरक्षित तरीके से मदद बुलाने और बचाव के उपायों की जानकारी होना भी उपयोगी हो सकता है।हालांकि सीताडोंगरी गांव में संबंधित कुएं की सुरक्षा
व्यवस्था
कैसी थी, इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिली है।
घटना के कारणों की विस्तृत जानकारी बाकी
बालाघाट जिले के सीताडोंगरी गांव में हुए हादसे को लेकर अभी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आना बाकी हैं।महिला किस परिस्थिति में कुएं में गिरी, कुएं की गहराई कितनी थी और पति-पत्नी को बाहर निकालने में कितना समय लगा, इन सवालों के जवाब अभी स्पष्ट नहीं हैं।पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से दोनों शव बरामद किए हैं। इसके अलावा किसी अन्य कार्रवाई या आधिकारिक बयान का विवरण उपलब्ध नहीं है।
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