मध्य प्रदेश

इंसानियत शर्मसार, ढाबा मालिक ने पूर्व कर्मचारी को बेरहमी से पीटा

SHIDDHANT
20 Oct 2025 11:02 PM IST
इंसानियत शर्मसार, ढाबा मालिक ने पूर्व कर्मचारी को बेरहमी से पीटा
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश। छतरपुर जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक ढाबा संचालक ने अपने पूर्व कर्मचारी उमेश आदिवासी को बेरहमी से पीटा। घटना का वीडियो भी आरोपी द्वारा बनवाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया, जिसने इलाके में चिंता और आक्रोश दोनों को जन्म दिया। जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक उमेश आदिवासी कुपी गांव का रहने वाला है और सटई रोड पर मजदूरी करता है। दो महीने पहले उसने कलेक्टर बंगले के पास स्थित एक ढाबे की नौकरी छोड़ दी थी। उमेश का आरोप है कि ढाबा संचालक उसकी नौकरी छोड़ने से नाराज था और इसी नाराजगी में उसने उमेश को पकड़कर बेरहमी से पीटा।
वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि दो युवक उमेश पर लात-घूंसों और डंडों से हमला कर रहे हैं। उमेश बार-बार हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगता दिखाई देता है, लेकिन हमलावर नहीं रुकते। वीडियो में आरोपी धमकाते हुए कहता है, "पुलिस भी हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती।" तीसरा व्यक्ति इस पूरी हिंसक वारदात का वीडियो बना रहा था। इस घटना के बाद उमेश ने सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की पुष्टि की है और आरोपी ढाबा मालिक और उसके सहयोगियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आरोपी और वीडियो बनाने वाले व्यक्ति को जल्द ही गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस घटना की निंदा की है। उनका कहना है कि किसी भी प्रकार की बेरहमी और हिंसा की इस हद तक खुली घटना समाज के लिए खतरा है। उन्होंने पुलिस से तत्काल कार्रवाई करने और दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि सोशल मीडिया पर इनकी वायरलिंग से मानसिक पीड़ित को और भी अधिक नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन को ऐसे मामलों में तेजी से और प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
इस घटना ने छतरपुर जिले में सुरक्षा और न्याय प्रणाली के प्रति लोगों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। पीड़ित उमेश आदिवासी ने कहा कि वह न्याय की उम्मीद रखता है और चाहता है कि आरोपी को सजा मिले ताकि भविष्य में किसी और को इस तरह की हिंसा का सामना न करना पड़े। अभियुक्त ढाबा मालिक और उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी के बाद ही यह मामला शांत होने की संभावना है। स्थानीय प्रशासन ने भी कहा कि वह पीड़ित को उचित सुरक्षा और कानूनी सहायता प्रदान करेगा। इस तरह की घटनाएं न केवल इंसानियत को झकझोरती हैं, बल्कि समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं। पुलिस और प्रशासन की तत्परता और न्यायिक कार्रवाई ही इस तरह की घटनाओं को रोकने का एकमात्र मार्ग है।
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