मध्य प्रदेश

चित्रकूट-सतना में दूसरे दिन भी भारी बारिश, खतरे के निशान के पार पहुंची मंदाकिनी नदी

Kavita2
27 Sept 2026 11:13 AM IST
चित्रकूट-सतना में दूसरे दिन भी भारी बारिश, खतरे के निशान के पार पहुंची मंदाकिनी नदी
x

सतना। चित्रकूट और सतना में लगातार दूसरे दिन भारी बारिश का दौर जारी रहा। शनिवार को भी कई इलाकों में तेज बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ रहा। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर ऊंचा बना हुआ है। शुक्रवार शाम नदी का पानी तेजी से बढ़ते हुए खतरे के निशान को पार कर गया था। हालात को देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

शनिवार सुबह 6 बजे तक मंदाकिनी नदी का जलस्तर ऊंचा बना रहा। लगातार बारिश और आसपास के क्षेत्रों से नदी में पहुंच रहे पानी के कारण शुक्रवार शाम से ही जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। नदी के खतरे के निशान को पार करने के बाद प्रशासन ने स्थिति की निगरानी बढ़ा दी।

चित्रकूट में शुक्रवार शाम मंदाकिनी नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ने लगा। कुछ ही समय में पानी खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया। इसके बाद नदी के आसपास के क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जाने लगी। शनिवार सुबह तक नदी में पानी का स्तर ऊंचा बना हुआ था।

चित्रकूट और सतना में लगातार दूसरे दिन हुई बारिश के कारण कई क्षेत्रों में पानी का बहाव तेज रहा। भारी बारिश के बीच प्रशासन की टीमें हालात पर नजर रखती रहीं। नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव की भी लगातार निगरानी की जा रही है।

मध्य प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी पिछले 24 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। कुछ स्थानों पर बारिश का आंकड़ा 100 मिलीमीटर से काफी ऊपर पहुंच गया। सबसे अधिक बारिश दर्ज करने वाले क्षेत्रों में बिछिया और अजयगढ़ शामिल रहे।

पिछले 24 घंटों में बिछिया में 191.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह इस अवधि में दर्ज प्रमुख बारिश के आंकड़ों में सबसे अधिक है। अजयगढ़ में भी 180.2 मिलीमीटर बारिश हुई। इन दोनों क्षेत्रों में बारिश का आंकड़ा 180 मिलीमीटर से अधिक रहा।

अमरकंटक में 148.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पन्ना में भी तेज बारिश का दौर रहा और यहां पिछले 24 घंटों में 143.2 मिलीमीटर पानी बरसा। लगातार हुई इतनी अधिक बारिश के कारण आसपास के जल स्रोतों और नदियों में पानी की आवक बढ़ी है।

बजाग में 143.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। गौरीहार में बारिश का आंकड़ा 136.0 मिलीमीटर रहा। मझगवां में भी भारी बारिश हुई और यहां 128.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

बिरसा में पिछले 24 घंटों के दौरान 125.6 मिलीमीटर बारिश हुई। मवई में 124.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। पर्यटन स्थल खजुराहो में भी भारी बारिश हुई और यहां 118.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

इन आंकड़ों से साफ है कि बारिश का असर केवल चित्रकूट और सतना तक सीमित नहीं रहा। प्रदेश के कई क्षेत्रों में एक ही दिन में काफी अधिक मात्रा में पानी बरसा है। कई स्थानों पर 100 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज होने से स्थानीय नदी-नालों और जल स्रोतों का स्तर बढ़ा है।

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी की स्थिति पर विशेष नजर रखी जा रही है। धार्मिक और पर्यटन महत्व वाली मंदाकिनी नदी के आसपास बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं। ऐसे में जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद प्रशासन के लिए नदी किनारे की स्थिति की निगरानी महत्वपूर्ण हो गई है।

शुक्रवार शाम को जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद शनिवार सुबह तक पानी ऊंचे स्तर पर बना रहा। लगातार दूसरे दिन हुई बारिश के कारण नदी में पानी की आवक बनी रही। प्रशासन जलस्तर में होने वाले उतार-चढ़ाव पर नजर रखे हुए है।

सतना और आसपास के इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने से लोगों की दिनचर्या पर भी असर पड़ा। लगातार पानी बरसने के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में नदी-नालों का पानी बढ़ने से आवागमन प्रभावित होने की आशंका रहती है।

मझगवां में 128.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज होना भी महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र चित्रकूट के आसपास होने के कारण यहां हुई भारी बारिश का असर आसपास के जल स्रोतों पर दिखाई दे सकता है। इसी तरह पन्ना, अजयगढ़ और गौरीहार में भी बड़ी मात्रा में हुई बारिश से जलस्तर बढ़ा है।

पिछले 24 घंटों के आंकड़ों में बिछिया में 191.8 मिलीमीटर और अजयगढ़ में 180.2 मिलीमीटर बारिश सबसे ज्यादा दर्ज की गई। इसके बाद अमरकंटक में 148 मिलीमीटर, पन्ना में 143.2 मिलीमीटर और बजाग में 143 मिलीमीटर बारिश हुई।

गौरीहार में 136 मिलीमीटर, मझगवां में 128.5 मिलीमीटर, बिरसा में 125.6 मिलीमीटर, मवई में 124.4 मिलीमीटर और खजुराहो में 118 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इन सभी स्थानों पर 100 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश ने मानसून के अंतिम दिनों में बारिश की गतिविधियों को तेज कर दिया है।

लगातार बारिश के दौरान नदी और नालों के आसपास स्थिति तेजी से बदल सकती है। खासतौर पर पहाड़ी और अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों से आने वाला पानी नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ा सकता है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के शुक्रवार शाम तेजी से बढ़ने के पीछे भी लगातार बारिश का असर दिखाई दिया।

फिलहाल प्रशासन की सबसे अधिक नजर मंदाकिनी नदी के जलस्तर पर है। शनिवार सुबह 6 बजे तक नदी का पानी ऊंचे स्तर पर बना हुआ था। हालात को देखते हुए संबंधित अधिकारी स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं।

चित्रकूट और सतना में दूसरे दिन भी हुई भारी बारिश के साथ प्रदेश के कई अन्य क्षेत्रों में भी तेज वर्षा दर्ज की गई है। बिछिया से खजुराहो तक कई स्थानों पर 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई। वहीं चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के खतरे के निशान को पार करने के बाद नदी किनारे के इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

Next Story