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भोपाल में तीसरे दिन भी भारी बारिश, बढ़ा भदभदा बांध का जलस्तर, खोले गए दो गेट

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लगातार तीसरे दिन भारी बारिश का दौर जारी रहने से नदी-नालों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ गया है। लगातार हो रही बारिश का असर शहर के प्रमुख भदभदा बांध पर भी दिखाई दिया। बांध में पानी का स्तर बढ़ने के कारण शनिवार को कुछ ही घंटों के अंतराल में दो गेट खोलने पड़े। जलस्तर और पानी की आवक को देखते हुए बांध के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की गई।
जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर करीब 1:15 बजे भदभदा बांध का गेट नंबर 9 खोला गया। इसके बाद भी पानी की स्थिति को देखते हुए दोपहर करीब 2:10 बजे गेट नंबर 2 को भी खोल दिया गया। लगातार बारिश के कारण बांध में पानी की आवक बनी हुई थी, जिसके चलते अधिकारियों को स्थिति के अनुसार गेटों के संचालन का फैसला लेना पड़ा।
भोपाल नगर निगम (BMC) के अधिकारियों के मुताबिक भदभदा बांध के गेटों को खोलने और बंद करने का सिलसिला शुक्रवार रात से ही जारी था। शुक्रवार रात करीब 11 बजे बांध का गेट नंबर 3 खोला गया था। पानी की स्थिति में बदलाव आने के बाद इस गेट को रात करीब तीन बजे बंद कर दिया गया।
इसके बाद शनिवार सुबह करीब आठ बजे गेट नंबर 6 को भी बंद किया गया। हालांकि लगातार हो रही बारिश और बांध में पानी की आवक को देखते हुए कुछ घंटे बाद फिर गेट खोलने की जरूरत पड़ी। दोपहर 1:15 बजे गेट नंबर 9 और इसके करीब 55 मिनट बाद दोपहर 2:10 बजे गेट नंबर 2 खोल दिया गया।
बारिश के बीच बांध के गेटों का संचालन जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए किया जा रहा है। पानी की आवक में वृद्धि या कमी के आधार पर प्रशासन गेट खोलने और बंद करने का निर्णय ले रहा है। लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण शहर के जलाशयों पर भी नजर रखी जा रही है।
इसी बीच भदभदा बांध पर शनिवार को एक और महत्वपूर्ण गतिविधि देखने को मिली। भोज वेटलैंड के सीमांकन के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की टीम सुबह भदभदा बांध पहुंची। टीम ने इलाके का ड्रोन के माध्यम से सर्वे किया।
जानकारी के मुताबिक एनजीटी की सीमांकन टीम ने सुबह करीब नौ बजे भदभदा बांध क्षेत्र में ड्रोन सर्वे शुरू किया। सर्वे के दौरान भोज वेटलैंड से संबंधित क्षेत्र की स्थिति का जायजा लिया गया। करीब दो घंटे तक क्षेत्र में गतिविधियां जारी रहने के बाद टीम सुबह लगभग 11 बजे अन्य स्थानों का सर्वे करने के लिए बांध से रवाना हो गई।
एनजीटी की टीम के रवाना होने के बाद दोपहर में बांध का गेट नंबर 9 खोला गया। इसके बाद पानी की स्थिति को देखते हुए गेट नंबर 2 भी खोलना पड़ा। इस तरह शनिवार को भदभदा बांध पर एक तरफ भोज वेटलैंड के सीमांकन को लेकर ड्रोन सर्वे चलता रहा, वहीं दूसरी तरफ बारिश के कारण बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने की कवायद भी जारी रही।
लगातार बारिश के चलते भोपाल में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। शहर में तीन दिनों से जारी बारिश के कारण निचले क्षेत्रों और जलभराव वाले स्थानों पर भी विशेष निगरानी की जरूरत बढ़ गई है। बांधों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ने पर उनके आसपास और डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में भी सावधानी बरतना जरूरी हो जाता है।
भदभदा बांध भोपाल की जल व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण संरचनाओं में शामिल है। ऐसे में बारिश के दौरान इसके जलस्तर और गेटों की स्थिति पर संबंधित अधिकारी लगातार नजर रखते हैं। पानी की आवक बढ़ने पर अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए गेट खोले जाते हैं, जबकि आवक कम होने या जलस्तर नियंत्रित होने पर गेटों को बंद किया जाता है।
शनिवार को भी यही स्थिति देखने को मिली। सुबह एक गेट बंद किया गया, जबकि दोपहर होते-होते बढ़ती आवक के कारण दो अन्य गेट खोलने पड़े। इससे साफ है कि बारिश के बीच बांध में पानी की स्थिति तेजी से बदल रही थी।
मौसम के बदले मिजाज के बीच प्रशासन के लिए बांध में पानी के स्तर की निगरानी महत्वपूर्ण बनी हुई है। यदि बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रहता है तो पानी की आवक के आधार पर गेटों के संचालन में फिर बदलाव किया जा सकता है। ऐसे में बांध के आसपास और पानी छोड़े जाने वाले क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
दूसरी ओर भोज वेटलैंड के सीमांकन के लिए शुरू हुआ ड्रोन सर्वे भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एनजीटी की टीम द्वारा तकनीक की मदद से क्षेत्र का सर्वे किया जा रहा है। भदभदा बांध में सर्वे पूरा करने के बाद टीम अन्य निर्धारित स्थानों की ओर रवाना हुई।
फिलहाल भोपाल में जारी भारी बारिश के बीच भदभदा बांध का बढ़ता जलस्तर प्रशासन की निगरानी में है। शनिवार को कुछ ही घंटों के अंतराल में गेट नंबर 9 और गेट नंबर 2 खोलकर पानी की निकासी की गई। बारिश जारी रहने की स्थिति में बांध के जलस्तर और पानी की आवक पर नजर बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण होगा।





