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पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट, डिंडोरी-बालाघाट में ऑरेंज चेतावनी

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। पूर्वी और मध्य हिस्सों में बने मजबूत मौसम सिस्टम के प्रभाव से कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। सबसे ज्यादा असर पूर्वी मध्य प्रदेश में रहने की संभावना है, जहां कुछ स्थानों पर अत्यधिक बारिश की स्थिति बन सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक मानसून ट्रफ, चक्रवाती परिसंचरण और कम दबाव के क्षेत्र से जुड़ी मौसमी गतिविधियों के कारण बारिश का सिस्टम मजबूत हुआ है। इसके चलते पूर्वी मध्य प्रदेश के साथ आसपास के क्षेत्रों में भी बादल सक्रिय हैं। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में 24 से 26 अगस्त के बीच गरज-चमक, तेज हवाओं और भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
डिंडोरी और बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने डिंडोरी और बालाघाट जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर करीब 4 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
बालाघाट में सोमवार को भी बारिश की गतिविधि दर्ज की गई है और आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने का अनुमान है। इससे जिले के नदी-नालों और जलाशयों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
20 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
डिंडोरी और बालाघाट के अलावा विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, दमोह, सिवनी, जबलपुर, मंडला, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, रीवा, मऊगंज, सीधी और छतरपुर में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
इन जिलों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले क्षेत्रों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की जरूरत है।
पूर्वी हिस्से में ज्यादा असर
मौसम की मौजूदा स्थिति का सबसे ज्यादा असर पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में दिखाई दे रहा है। जबलपुर, मंडला, डिंडोरी, बालाघाट, शहडोल, अनूपपुर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। पिछले कुछ दिनों से भी इन क्षेत्रों में लगातार बारिश का दौर देखा गया है। IMD के पूर्वानुमान में पूर्वी मध्य प्रदेश को अगले कुछ दिनों के दौरान सक्रिय बारिश वाले क्षेत्रों में रखा गया है।
नदी-नालों के बढ़ सकते हैं जलस्तर
लगातार और तेज बारिश होने पर छोटे-बड़े नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। ग्रामीण इलाकों में पुल-पुलियों के ऊपर पानी आने से सड़क संपर्क बाधित होने की आशंका भी रहती है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है।
बारिश के दौरान वाहन चालकों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। तेज बहाव वाले पानी में वाहन निकालना जोखिम भरा हो सकता है। पहाड़ी और वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भूस्खलन या पेड़ गिरने जैसी घटनाओं को लेकर भी सतर्क रहना चाहिए।
26 अगस्त तक सक्रिय रह सकता है मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश में बारिश का यह दौर केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहने वाला है। राज्य के कई हिस्सों में 26 अगस्त तक गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। पूर्वी और मध्य भागों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून सिस्टम के सक्रिय रहने तक बारिश का प्रभाव अलग-अलग जिलों में बदलता रह सकता है। कहीं तेज बारिश हो सकती है तो कहीं हल्की या मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग ने चेतावनी वाले जिलों के लोगों से स्थानीय प्रशासन और IMD के ताजा अपडेट पर नजर रखने की अपील की है। भारी बारिश के दौरान घर से बाहर निकलने से बचना, जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखना और बिजली चमकने के समय खुले मैदानों में न जाना सुरक्षित रहेगा।
फिलहाल मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता बनी हुई है और आने वाले 24 से 48 घंटे कई जिलों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। खासकर डिंडोरी और बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए प्रशासन तथा आम लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।





