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जबलपुर। शहर के संजीवनी नगर थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक सड़क हादसे में स्कूल वैन पलट गई। गढ़ा मुख्य मार्ग पर धन्वंतरि नगर चौकी क्षेत्र में स्कूल वैन और एक अर्टिगा कार के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि वैन सड़क पर पलट गई। हादसे में वैन में सवार आठ बच्चे घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल बच्चों को बाहर निकालने में मदद की।
हादसा गढ़ा मुख्य मार्ग पर हुआ। स्कूल वैन बच्चों को लेकर जा रही थी, तभी उसकी अर्टिगा कार से टक्कर हो गई। टक्कर के बाद वैन का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर पलट गई। वैन के पलटते ही अंदर बैठे बच्चों में चीख-पुकार मच गई।
आसपास मौजूद लोग हादसे की आवाज सुनकर मौके की ओर दौड़े। वैन पलटी हुई थी और बच्चे उसके अंदर फंसे हुए थे। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए बच्चों को बाहर निकालना शुरू किया। एक-एक कर सभी बच्चों को वैन से निकाला गया।
घटना की सूचना पुलिस को भी दी गई। कुछ ही देर में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव की कार्रवाई में जुट गई। हादसे के कारण सड़क पर कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ।
इसी दौरान वहां से गुजर रहे पार्षद जीतू कटारे ने भी घायल बच्चों की मदद की। उन्होंने बच्चों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था कराई। घायल बच्चों को मेडिकल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज कराया जा रहा है।
हादसे में घायल हुए आठ बच्चों की स्थिति को लेकर अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने जांच शुरू की। सभी बच्चों को आवश्यक उपचार दिया गया। हादसे के बाद बच्चों के परिजनों को भी घटना की जानकारी दी गई।
सूचना मिलते ही कई परिजन अस्पताल पहुंचे। बच्चों को घायल अवस्था में देखकर परिवार के लोग परेशान हो गए। अस्पताल में कुछ समय तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।
पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि टक्कर किस वाहन की लापरवाही से हुई और हादसे के समय दोनों वाहनों की गति कितनी थी।
घटनास्थल की स्थिति का भी पुलिस ने जायजा लिया। सड़क पर टक्कर के निशान और वाहनों की स्थिति को देखकर हादसे की परिस्थितियों को समझने की कोशिश की जा रही है।
स्कूल वैन में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे हैं। वैन में कितने बच्चे सवार थे और वाहन में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं, इसकी भी जांच की जा सकती है।
हादसे में अर्टिगा कार को भी नुकसान पहुंचा है। दोनों वाहनों की टक्कर के बाद वैन का पलटना इस बात की ओर इशारा करता है कि टक्कर काफी तेज थी।
घटना के समय सड़क पर अन्य वाहन भी गुजर रहे थे। हादसा होते ही कई वाहन चालक रुक गए और बच्चों की मदद करने लगे।
स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण वैन में फंसे बच्चों को जल्द बाहर निकाला जा सका। यदि राहत में देरी होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
पार्षद जीतू कटारे की मदद से घायल बच्चों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस के साथ मिलकर बच्चों को सुरक्षित अस्पताल भेजने में सहयोग किया।
स्कूल वैन दुर्घटना की खबर फैलते ही क्षेत्र में चिंता बढ़ गई। कई लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित कर सड़क से वाहनों को हटाने की कार्रवाई की।
दुर्घटना के बाद वैन को सड़क से हटाया गया, ताकि यातायात सामान्य हो सके। कुछ समय तक गढ़ा मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही धीमी रही।
स्कूल वाहनों की सुरक्षा को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। बच्चों को लेकर चलने वाले वाहनों में चालक की सावधानी और वाहन की तकनीकी स्थिति बेहद महत्वपूर्ण होती है।
विशेष रूप से स्कूल समय में सड़कों पर यातायात अधिक रहता है। ऐसे में तेज रफ्तार या लापरवाही से बड़ा हादसा हो सकता है।
इस घटना ने एक बार फिर स्कूल वाहनों की नियमित जांच और चालकों की जिम्मेदारी की जरूरत को सामने ला दिया है।
पुलिस हादसे के समय वैन चालक और अर्टिगा चालक की स्थिति की भी जांच कर रही है। दोनों पक्षों से पूछताछ कर दुर्घटना का सही कारण पता लगाया जाएगा।
यदि आसपास सीसीटीवी कैमरे लगे हैं तो पुलिस उनकी फुटेज भी देख सकती है। इससे टक्कर से ठीक पहले दोनों वाहनों की गति और दिशा की जानकारी मिल सकती है।
हादसे में बच्चों को लगी चोटों की प्रकृति को लेकर अस्पताल से जानकारी ली जा रही है। फिलहाल सभी घायल बच्चों का इलाज जारी है।
पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। वाहन चालकों के दस्तावेज, ड्राइविंग लाइसेंस और वाहनों की फिटनेस से संबंधित रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
स्कूल वैन के पलटने की घटना ने बच्चों के अभिभावकों की चिंता भी बढ़ा दी है। परिजनों का कहना है कि स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
बच्चों को स्कूल लाने और ले जाने वाले वाहनों में क्षमता से अधिक सवारी, तेज रफ्तार और खराब तकनीकी स्थिति जैसे मामलों पर नियमित निगरानी जरूरी है।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने भी सड़क पर यातायात व्यवस्था और वाहन चालकों की सावधानी को लेकर सवाल उठाए।
गढ़ा मुख्य मार्ग व्यस्त मार्गों में शामिल है। यहां दिनभर बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। ऐसे में स्कूल वाहनों को अतिरिक्त सावधानी से चलाने की जरूरत रहती है।
गुरुवार को हुए इस हादसे में राहत की बात यह रही कि स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया और बच्चों को जल्द अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। हादसे की वास्तविक वजह सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल घायल आठ बच्चों का मेडिकल अस्पताल में उपचार जारी है। घटना के बाद स्कूल प्रबंधन और बच्चों के परिजनों की नजर भी पुलिस की जांच पर बनी हुई है।





