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राज्यसभा उपचुनाव के लिए हरदीप पुरी ने भरा नामांकन, BJP के कई मंत्री और विधायक रहे मौजूद

भोपाल। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार, 31 अक्टूबर को मध्य प्रदेश की रिक्त राज्यसभा सीट के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। भोपाल स्थित मध्य प्रदेश विधानसभा भवन में सुबह करीब 11:30 बजे उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष नामांकन प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। यह उपचुनाव केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई सीट को भरने के लिए कराया जा रहा है। चुनाव में मतदान 12 नवंबर 2026 को होगा।
हरदीप सिंह पुरी के नामांकन के दौरान भाजपा ने अपने वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी के जरिए संगठनात्मक एकजुटता का संदेश भी दिया। पार्टी के कई विधायक और पदाधिकारी विधानसभा परिसर पहुंचे। मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उम्मीदवार के साथ नामांकन प्रक्रिया में हिस्सा लिया।
28 अक्टूबर को BJP ने घोषित किया था उम्मीदवार
भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने 28 अक्टूबर को हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव का उम्मीदवार घोषित किया था। पार्टी के इस फैसले के बाद भोपाल में उनके नामांकन की तैयारियां शुरू हो गई थीं।
पुरी शुक्रवार शाम भोपाल पहुंचे थे। शनिवार को विधानसभा जाने से पहले उन्होंने एक गुरुद्वारे में मत्था टेका और पूजा-अर्चना की। इसके बाद वह करुणाधाम आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने पीठाधीश्वर गुरुदेव सुदेश शांडिल्य महाराज से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं के साथ विधानसभा भवन पहुंचकर उन्होंने नामांकन दाखिल किया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत कई बड़े नेता रहे मौजूद
नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, मंत्री प्रहलाद पटेल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
भाजपा विधायक कृष्णा गौर ने शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में हरदीप सिंह पुरी के नामांकन के लिए प्रस्तावक बनने संबंधी सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। पार्टी के नेताओं ने पुरी की उम्मीदवारी का स्वागत करते हुए राज्यसभा उपचुनाव में जीत का भरोसा जताया।
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि हरदीप सिंह पुरी वरिष्ठ नेता हैं और उनके पास लंबा प्रशासनिक एवं राजनीतिक अनुभव है। उन्होंने इसे मध्य प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताया। भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि उम्मीदवार का चयन पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व का फैसला है और राज्य इकाई उसके साथ खड़ी है।
एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट
मध्य प्रदेश की यह राज्यसभा सीट केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। उन्होंने 13 अक्टूबर 2026 को उच्च सदन की सदस्यता से इस्तीफा दिया था। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक निर्धारित था, लेकिन उनके इस्तीफे के कारण अब इस सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है।
भाजपा ने इस रिक्त सीट के लिए हरदीप सिंह पुरी को अपना उम्मीदवार बनाया है। पुरी इससे पहले उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद थे। उनका उत्तर प्रदेश से राज्यसभा कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त होने वाला है। ऐसे में मध्य प्रदेश से उनकी उम्मीदवारी को उनके संसदीय कार्यकाल को आगे बढ़ाने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
12 नवंबर को होगा मतदान और मतगणना
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक, मध्य प्रदेश की इस राज्यसभा सीट के उपचुनाव के लिए 12 नवंबर को मतदान कराया जाएगा। मतदान प्रक्रिया सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगी। इसके बाद उसी दिन शाम 5 बजे मतगणना निर्धारित है।
नामांकन की अंतिम तारीख 2 नवंबर है, जबकि 3 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। उम्मीदवार 5 नवंबर तक अपना नामांकन वापस ले सकेंगे। इसके बाद चुनाव मैदान में रहने वाले प्रत्याशियों की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
राज्यसभा का यह चुनाव प्रत्यक्ष जनमत के बजाय मध्य प्रदेश विधानसभा के निर्वाचित विधायकों के मतदान से होगा। इसमें विधायक अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इसलिए विधानसभा में विभिन्न दलों की संख्या और विधायकों की मतदान संबंधी पात्रता चुनावी गणित के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी।
मध्य प्रदेश विधानसभा के संख्या बल पर टिकी नजरें
मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं। राज्यसभा उपचुनाव में जीत के लिए विधायकों के मतों का गणित अहम होगा। हालांकि, कांग्रेस विधायक मुकेश माल्होत्रा अदालती आदेश के कारण मतदान में हिस्सा नहीं ले सकेंगे, जिससे प्रभावी विधानसभा संख्या 229 रह जाएगी।
इसके अलावा बीना से विधायक निर्मला सप्रे की स्थिति भी चुनावी गणित के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उनकी राजनीतिक स्थिति को लेकर पहले से चर्चा होती रही है। ऐसे में मतदान के समय विधायकों की वास्तविक संख्या और उनकी पात्रता महत्वपूर्ण रहेगी।
भाजपा को मध्य प्रदेश विधानसभा में बहुमत प्राप्त है। इस कारण पार्टी को अपनी उम्मीदवार की जीत का भरोसा है। हालांकि, अंतिम स्थिति मतदान और निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
कौन हैं हरदीप सिंह पुरी?
हरदीप सिंह पुरी भारतीय राजनीति और कूटनीति का जाना-पहचाना चेहरा हैं। वह भारतीय विदेश सेवा के पूर्व अधिकारी रहे हैं और संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि के रूप में भी काम कर चुके हैं।
वर्तमान में वह केंद्र सरकार में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसके अलावा वह शहरी विकास और आवास से जुड़े मंत्रालयों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
पुरी का प्रशासनिक और अंतरराष्ट्रीय अनुभव भाजपा के लिए उनकी उम्मीदवारी का महत्वपूर्ण पहलू माना जा रहा है। पार्टी ने उन्हें मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट से उम्मीदवार बनाकर केंद्रीय नेतृत्व के भरोसे का संकेत दिया है।
अब 12 नवंबर के चुनाव परिणाम पर नजर
हरदीप सिंह पुरी के नामांकन के साथ मध्य प्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा ने अपने वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री को उम्मीदवार बनाकर चुनावी मैदान में उतारा है, जबकि विपक्ष की ओर से भी चुनाव को लेकर रणनीति बनाई जा रही है।
अब आगामी 2 नवंबर तक नामांकन प्रक्रिया, 3 नवंबर को दस्तावेजों की जांच और 5 नवंबर तक नाम वापसी के बाद चुनावी तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी।
12 नवंबर को होने वाला मतदान तय करेगा कि एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई राज्यसभा सीट पर कौन पहुंचेगा। फिलहाल भाजपा नेतृत्व हरदीप सिंह पुरी की उम्मीदवारी को लेकर आश्वस्त नजर आ रहा है।





