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खजराना गणेश मंदिर में गणेशोत्सव का भव्य शुभारंभ, कलेक्टर ने की पूजा-अर्चना

इंदौर। शहर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में सोमवार को धार्मिक विधि-विधान और श्रद्धा के साथ गणेशोत्सव का शुभारंभ किया गया। इंदौर कलेक्टर एवं मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष शिवम वर्मा ने मंदिर पहुंचकर भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की। उनके साथ नगर निगम आयुक्त एवं मंदिर प्रशासक क्षितिज सिंघल भी उपस्थित रहे। दोनों अधिकारियों ने ध्वज पूजन और महाआरती में शामिल होकर शहरवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। भगवान गणेश के जयकारों और मंत्रोच्चार से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। मंदिर को फूलों, आकर्षक रोशनी और विशेष सजावट से संवारा गया है। गणेशोत्सव के शुभारंभ पर भगवान का विशेष शृंगार भी किया गया। मंदिर के पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निर्धारित धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए।
कलेक्टर शिवम वर्मा और निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने मंदिर के गर्भगृह में भगवान गणेश के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने परंपरागत रीति से पूजा और आरती की। इस दौरान प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, मंदिर प्रबंधन समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने उत्सव से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया और श्रद्धालुओं को सुविधाजनक तरीके से दर्शन कराने के निर्देश दिए।
खजराना गणेश मंदिर में आयोजित होने वाला गणेशोत्सव शहर के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है। उत्सव के दौरान प्रतिदिन भगवान गणेश का अलग-अलग स्वरूप में शृंगार किया जाएगा। विशेष आरती, भोग और धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए दर्शन की व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए हैं।
इस वर्ष गणेश चतुर्थी के अवसर पर भगवान खजराना गणेश को सवा लाख मोदक अर्पित करने की तैयारी की गई है। मोदक तैयार करने के लिए मंदिर परिसर में विशेष व्यवस्था की गई। प्रतिदिन शाम की आरती के दौरान अलग-अलग सामग्रियों से तैयार हजारों लड्डुओं का भोग लगाने और बाद में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद बांटने की योजना भी है। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अशोक भट्ट के अनुसार, उत्सव के दौरान धार्मिक परंपराओं के अनुरूप भगवान गणेश की पूजा और शृंगार किया जाएगा। आयोजन को 10 दिवसीय बताया गया है।
मंदिर में भगवान गणेश का स्वर्ण आभूषणों से विशेष शृंगार भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगा। धार्मिक कार्यक्रमों के साथ मंदिर परिसर में व्यवस्थाओं को मजबूत बनाया गया है। मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराने के लिए रेलिंग लगाई गई हैं। गर्भगृह के सामने के हिस्से में आवागमन को आसान बनाने के उपाय भी किए गए हैं।
श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है। मंदिर के नियमित सुरक्षाकर्मियों के अतिरिक्त उत्सव के दौरान व्यवस्था संभालने के लिए अतिरिक्त कर्मचारी लगाए गए हैं। अधिकारियों को प्रवेश और निकासी मार्गों पर लगातार नजर रखने तथा भीड़ बढ़ने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम और मंदिर प्रबंधन की ओर से साफ-सफाई, पेयजल तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के साथ यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए भी तैयारी की है।
खजराना गणेश मंदिर के प्रति देशभर के श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। गणेश चतुर्थी सहित विशेष अवसरों पर यहां बड़ी संख्या में लोग भगवान के दर्शन करने पहुंचते हैं। यह मंदिर भगवान गणेश को समर्पित है और इसका निर्माण देवी अहिल्याबाई होलकर से जुड़ा माना जाता है। समय के साथ मंदिर परिसर का विस्तार किया गया और दर्शनार्थियों के लिए कई सुविधाएं विकसित की गईं। इसका प्रबंधन जिला प्रशासन के नियंत्रण में है।
सोमवार को उत्सव की शुरुआत के साथ मंदिर में श्रद्धालुओं की चहल-पहल बढ़ गई। भक्तों ने भगवान गणेश को फूल, दूर्वा, नारियल और मोदक अर्पित किए। कई श्रद्धालु परिवार के साथ दर्शन करने पहुंचे। मंदिर परिसर में पूरे दिन गणपति बप्पा मोरया के जयकारे गूंजते रहे। आगामी दिनों में धार्मिक अनुष्ठानों और विशेष शृंगार के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
प्रशासन और मंदिर प्रबंधन समिति ने श्रद्धालुओं से निर्धारित प्रवेश एवं निकासी मार्गों का पालन करने और व्यवस्थाएं बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। उत्सव के दौरान होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से शहर में आस्था, उल्लास और सांस्कृतिक परंपरा का वातावरण बना रहेगा।





