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मध्य प्रदेश। एक सरकारी स्कूल शिक्षक पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिक्षक पर स्कूल परिसर में शराब पीने और नाबालिग छात्रों से अपने लिए शराब मंगवाने का आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, आरोपित शिक्षक भगवानदास अहिरवार बामनौर क्लस्टर के अंतर्गत हैदराबाद गांव स्थित सरकारी मिडिल स्कूल में पदस्थ हैं। ग्रामीणों ने शिक्षक के व्यवहार और स्कूल में उनकी गतिविधियों को लेकर शिकायत की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक शराब का सेवन कर स्कूल पहुंचते हैं। उनका कहना है कि कई बार शिक्षक के नशे की हालत में स्कूल आने की जानकारी सामने आई है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षक छात्रों को पढ़ाने के बजाय उनसे निजी काम करवाते हैं।
गांव वालों के मुताबिक, एक नाबालिग छात्र को शराब की बोतल लेकर जाते हुए देखा गया था। इसके बाद ग्रामीणों ने मामले की जानकारी जुटाई और शिक्षक पर छात्रों से शराब मंगवाने का आरोप लगाया।
#WATCH | 'Bhagwan Das Ne Mangwayi...': Govt School Student Exposes Teacher Sent Him To Buy Liquor In Chhatarpur #MPnews #MadhyaPradesh #MPschool pic.twitter.com/3mjWt6EgQ2
— Free Press Madhya Pradesh (@FreePressMP) August 17, 2026
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि शिक्षक की ऐसी गतिविधियों से बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ रहा है और अभिभावकों में नाराजगी है।
स्थानीय लोगों ने शिक्षा विभाग से मामले की जांच कर शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल बच्चों के भविष्य निर्माण की जगह है, इसलिए वहां अनुशासन और अच्छा वातावरण होना जरूरी है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों की टीम आरोपों की सत्यता की जांच करेगी और स्कूल में मौजूद शिक्षकों, छात्रों और ग्रामीणों से जानकारी जुटाई जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में शिक्षक के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकारी कर्मचारियों के लिए निर्धारित आचरण नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई हो सकती है।
इस मामले ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की जिम्मेदारी और अनुशासन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा विभाग लगातार स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है, ऐसे में इस तरह के आरोप चिंता का विषय माने जा रहे हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षक बच्चों के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं। ऐसे में यदि कोई शिक्षक नशे जैसी गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो इसका सीधा असर छात्रों के व्यवहार और शिक्षा पर पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि स्कूलों में समय-समय पर निरीक्षण किया जाए, ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
बताया जा रहा है कि मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आरोप कितने सही हैं। फिलहाल शिक्षक पर लगे आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है और विभाग जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
वहीं, स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से छात्रों के हितों को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई है।
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति, व्यवहार और कार्यप्रणाली को लेकर समय-समय पर निगरानी की जाती है। इस घटना के बाद संबंधित विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लिया है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही शिक्षक के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।





