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इंदौर। डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने देवी अहिल्याबाई होल्कर एयरपोर्ट के जरिए चल रहे कथित सोना तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस मामले में जांच एजेंसी ने कस्टम विभाग के एक एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट और एयर इंडिया एक्सप्रेस के एक कर्मचारी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
DRI के अनुसार, आरोपियों पर अबू धाबी से इंदौर के बीच विदेशी सोने की तस्करी करने का आरोप है। एजेंसी ने इनके पास से 1.02 किलोग्राम 24 कैरेट विदेशी सोना बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1.44 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
अबू धाबी से लाई गई थी सोने की खेप
DRI अधिकारियों के मुताबिक, यह सोना सोमवार रात अबू धाबी से इंदौर पहुंचने वाली एक फ्लाइट के जरिए लाया गया था। जांच एजेंसी को इस मामले में पहले से कुछ इनपुट मिले थे, जिसके आधार पर एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ाई गई थी।
जांच के दौरान सामने आया कि कुछ लोग संगठित तरीके से विदेशी सोने को भारत लाने और उसे बिना वैध दस्तावेजों के बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे।
एयरोब्रिज पर सोना सौंपने का आरोप
DRI ने बुधवार को इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि कथित तस्करी गिरोह ने सोना छिपाने और उसे बाहर निकालने के लिए एक अलग तरीका अपनाया था।
आरोप है कि अबू धाबी से सोना लेकर आने वाले यात्री कस्टम अराइवल एरिया में पहुंचने से पहले ही एयरोब्रिज पर एयर इंडिया एक्सप्रेस के एक कर्मचारी को तस्करी का सोना सौंप देते थे।
इसके बाद कथित तौर पर एयरलाइन कर्मचारी और अन्य सहयोगियों की मदद से सोने को सुरक्षा जांच और कस्टम प्रक्रिया से बचाकर बाहर निकालने की कोशिश की जाती थी।
कस्टम कर्मचारी की भूमिका की जांच
इस मामले में कस्टम विभाग के एक एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट की गिरफ्तारी ने जांच को और गंभीर बना दिया है। DRI अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या तस्करी नेटवर्क में विभाग के किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी।
एजेंसी आरोपियों के संपर्क, लेनदेन और पिछले रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
पांच लोगों को किया गया गिरफ्तार
DRI ने इस मामले में कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें कस्टम विभाग का कर्मचारी और एयर इंडिया एक्सप्रेस का एक कर्मचारी भी शामिल है।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह नेटवर्क कब से सक्रिय था और अब तक कितनी मात्रा में सोने की तस्करी की जा चुकी है।
तस्करी के नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
DRI अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस रैकेट से जुड़े अन्य लोग कौन हैं और सोने की खेप किसके लिए लाई जा रही थी।
जांच में आरोपियों के मोबाइल रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और अन्य डिजिटल सबूतों की भी पड़ताल की जा सकती है।
एयरपोर्ट सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इंदौर एयरपोर्ट से जुड़े इस मामले ने सुरक्षा व्यवस्था और कस्टम प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से आने वाले यात्रियों और सामान की कड़ी जांच की जाती है।
ऐसे में एयरोब्रिज जैसे संवेदनशील क्षेत्र का इस्तेमाल कथित तस्करी के लिए किए जाने की बात सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
DRI की लगातार कार्रवाई
डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस देशभर में सोना, विदेशी मुद्रा और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी रोकने के लिए कार्रवाई करता है।
अधिकारियों का कहना है कि संगठित तस्करी नेटवर्क को खत्म करने के लिए खुफिया जानकारी के आधार पर लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
आगे की जांच जारी
फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। DRI यह पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में और कितने लोग शामिल हैं।
कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और तस्करी के तरीके से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।
कुल मिलाकर, इंदौर एयरपोर्ट पर DRI की इस कार्रवाई ने विदेशी सोने की तस्करी के एक कथित नेटवर्क का खुलासा किया है। कस्टम और एयरलाइन कर्मचारी की संलिप्तता के आरोपों के बाद जांच एजेंसियां अब पूरे सिंडिकेट की कड़ियां जोड़ने में लगी हैं।





