मध्य प्रदेश

Ganeshotsav: 60 साल पहले जिले में शुरू हुई थी परंपरा,100 से अधिक स्थानों पर विराजमान होंगे गणपति

Gulabi Jagat
6 Sept 2024 4:50 PM IST
Ganeshotsav: 60 साल पहले जिले में शुरू हुई थी परंपरा,100 से अधिक स्थानों पर विराजमान होंगे गणपति
x
Raisen रायसेन। दस दिवसीय Shivratri की शुरुआत 7 सितंबर शनिवार को होने जा रही है। शहर के 100से ज्यादा जगहों पर झांकियों के पंडालों छोटी बड़ी विघ्नहर्ता की आकर्षक प्रतिमाएं विराजित की जाएंगी।जिसकी तैयारियां अन्तिम चरण में है।
जिला मुख्यालय से शुरू हुआ था गणेशोत्सव का सिलसिला.....
विदित हो कि जिले में भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करने का सिलसिला जिला मुख्यालय के साँची रोड़ और पुराने सिविल सर्जन बंगले से शुरू हुआ था। यहां पर सबसे पहले सांची रोड़ पतिराम राजाराम कुशवाहा और विद्या दास चंचलानी पाटीदार दीक्षित साहब मित्रमंडली ने भगवान लंबोदर प्रतिमा की स्थापना कराई थी। बताते हैं कि उस समय प्रतिमा बनाने के लिए बंगाल से विशेष कारीगर बुलाया गया था। उसके बाद महाराष्ट्र के नवरत्न पेंटर ने मूर्तिकार का काम किया था और बाद में वह भीसैकड़ों गणेश दुर्गा प्रतिमाएं बनाने लगा।
रायसेन। शनिवार 7 सितंबर से शहरवासी भगवान गणपति की आराधना में जुट जाएंगे। भाद्र माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से यह उत्सव 10 दिन चलेगा। विदित हो कि जिले में 60 साल पहले गणेश प्रतिमा स्थापित करने की परंपरा शुरू हुई थी। इसके बाद यह पूरे जिले का गणेश उत्सव बन गया है। इस बार पूरे शहर में 100 से अधिक स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं के पंडाल सजाए जाएंगे।
इस तरह शनिवार से पूरा जिला प्रथम पूज्य गणपति की आराधना में जुट जाएगा। गणेशोत्सव को ले
कर पूरे जिले
में उल्लास सा छाया हुआ है। गणेशोत्सव के साथ ही अब त्यौहारों का मौसम शुरू हो जाएगा। इस बार जिले में 100 से अधिक स्थानों पर बड़े गणेश पंडाल सजाए जाएंगे। शहर में इनकी संख्या करीब100 बताई जा रही है। बहुत से लोग अपने घरों पर भी गणपति को विराजमान करते हैं। इसके लिए शहर में जगह-जगह गणेश प्रतिमाओं की दुकानें सज गई हैं। साथ ही मूर्तिकारों ने बड़ी प्रतिमाओं को अब अंतिम रूप देना शुरु कर दिया है। समितियों के युवा भी पंडाल सजाने में जुट गए हैं। इस वर्ष भी महामाया चौक गंजबाजार अथाईं मोहल्ला पाटनदेव आदि पर सुंदर पंडाल सजाए जाएंगे।
बन रही मिट्टी की मूर्तियां....
शहर के मूर्तिकार लखन चक्रवर्ती, सुनील महोबिया राधेश्याम चक्रवर्ती , कालूराम चक्रवर्ती मूलचंद प्रजापति ने बताया कि बाहर से बहुत से लोगों ने करीब एक महीने पूर्व ही मिट्टी से बनीं गणेश प्रतिमाओं की बुकिंग कराई थी।
Next Story