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French की कंपनियां मध्य प्रदेश में लॉन्ग-टर्म निवेश के लिए उत्सुक

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : भारत में फ्रांस के राजदूत थिएरी मथौ (Thierry Mathou) ने कहा है कि फ्रांसीसी कंपनियां मध्य प्रदेश के साथ दीर्घकालिक साझेदारी को लेकर काफी उत्सुक हैं। उन्होंने बताया कि लॉजिस्टिक्स, ऑटोमोबाइल, कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर, रिटेल और बायोडायवर्सिटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
थिएरी मथौ मंगलवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इंडो-फ्रेंच कॉन्क्लेव में संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में भारत और फ्रांस के बीच बढ़ते आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों पर विस्तार से चर्चा की गई।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारत और फ्रांस (France) के बीच साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है और यह विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर पैदा कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में 700 से अधिक फ्रांसीसी कंपनियां भारत में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं, जो दोनों देशों के आर्थिक संबंधों की गहराई को दर्शाता है।
मथौ ने मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के साथ बढ़ते सहयोग की संभावनाओं पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण और विभिन्न क्षेत्रों में विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं, जो फ्रांसीसी कंपनियों को आकर्षित कर रही हैं।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आने वाले वर्षों में शिक्षा, पर्यटन और शैक्षणिक आदान-प्रदान (अकादमिक एक्सचेंज) के क्षेत्र में भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और अधिक मजबूत होगा। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और शैक्षणिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए कई नए कार्यक्रमों पर भी विचार किया जा रहा है।
कॉन्क्लेव में मौजूद विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने भी इस बात पर सहमति जताई कि मध्य प्रदेश में उद्योग, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। विशेष रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर और कृषि आधारित उद्योगों में विदेशी निवेश से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सकती है।
कार्यक्रम के दौरान यह भी चर्चा हुई कि वैश्विक स्तर पर भारत एक तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में सामने आ रहा है और फ्रांस जैसे विकसित देशों के साथ साझेदारी इसे और मजबूत बना सकती है। लॉजिस्टिक्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर में तकनीकी सहयोग से रोजगार और उत्पादन क्षमता दोनों में वृद्धि होने की संभावना है।
मध्य प्रदेश सरकार के प्रतिनिधियों ने भी राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की और फ्रांसीसी कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और औद्योगिक नीति निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती है।
इस इंडो-फ्रेंच कॉन्क्लेव को दोनों देशों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से भविष्य में बड़े निवेश और साझेदारियों के रास्ते खुल सकते हैं।





