मध्य प्रदेश

मौत का ड्रामा: 10 महीने बाद मिला जिंदा, परिजनों ने कर दिया था अंतिम संस्कार, पढ़े अलग मामला

jantaserishta.com
9 May 2022 4:19 AM GMT
मौत का ड्रामा: 10 महीने बाद मिला जिंदा, परिजनों ने कर दिया था अंतिम संस्कार, पढ़े अलग मामला
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छतरपुर: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां पर पुलिस ने मृतक युवक को आरोपी बनाकर कोर्ट में पेश किया. दरअसल, आरोपी ड्राइवर ने व्यापारी के रुपये हड़पने के लिए खुद को ही मरा साबित कर दिया था. अपनी मौत की पूरी प्लानिंग कर वह रुपये लेकर गायब हो गया था. आरोपी के परिजनों ने भी अज्ञात शव की पहचान की ड्राइवर के रूप में की थी. लेकिन पुलिस ने लाश का DNA मृतक से परिजनों से किया तो वह मैच नहीं हुआ. पुलिस लगातार आरोपी की तलाश करती रही और 10 महीने बाद आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गया.

दरअसल, सुनील नामदेव का नाम का युवक छतरपुर के सरिया व्यापारी सुधीर अग्रवाल की दुकान पर काम करता था. 16 जुलाई 2021 को सुधीर अग्रवाल ने व्यापार के काम से युवक को राजनगर भेजा और उसे लौटते समय एक व्यापारी से 6 लाख 66 हजार 500 रुपये लाने को कहा. लेकिन सुनील वापस लौटकर नहीं आया. इसके बाद व्यापारी सुधीर अग्रवाल ने इस मामले की शिकायत सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई.
इस दौरान पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो राजनगर थाना पुलिस को एक अज्ञात शव मिला. सुनील के परिवार ने इस लाश की पहचान की और उसका अंतिम संस्कार कर दिया. लेकिन पुलिस को परिवार पर संदेह बना रहा. पुलिस ने डेड बॉडी और सुनील के परिजनों का डीएनए कराया जिसकी रिपोर्ट कुछ समय बाद नेगेटिव आई. पुलिस इस मामले की जांच करती रही.
वहीं, कुछ समय बाद लोहा व्यापारी सुधीर अग्रवाल छतरपुर जिले के गंज क्षेत्र स्थित बागेश्वर धाम दर्शन करने पहुंचे. जहां उन्हें सुनील नामदेव टकरा गया. उन्होंने तुरंत ही इसकी सूचना थाने को दी. पुलिस ने सुनील नामदेव का पता लगाया और उसे पकड़ लिया. पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर सार राज खोलकर पुलिस के सामने रख दिया.
पुलिस ने व्यापारी सुधीर अग्रवाल के 6 लाख 66 हजार 500 रुपये में से 5 लाख रुपये भी बरामद कर किए. पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर उसे जेल भेज दिया.
एसपी सचिन शर्मा ने बताया कि इसके बाद पुलिस आरोपी को तलाश रही थी. आरोपी ने बताया कि वह घटना के बाद देश के कई राज्यों में फरारी काटता रहा. पिछले दिनों ही वह वापस लौटा था. फरारी के दौरान वह परिवार से भी संपर्क नहीं कर रहा था. हालांकि पुलिस इस मामले में अब भी इस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है कि राजनगर थाना क्षेत्र में मिली लाश किसकी थी.
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