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मिर्जापुर। मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान से निकलकर उत्तर प्रदेश के ड्रमंडगंज वनरेंज के महुगढ़ी जंगल पहुंचे हाथी और हथिनी का जोड़ा पिछले चार दिनों से क्षेत्र के जंगलों में घूम रहा है। मंगलवार देर शाम यह जोड़ा लहुरियादह गांव के जंगल से सटे प्रयागराज जिले की सीमा वाले इलाके में देखा गया। हाथियों की मौजूदगी की सूचना के बाद वन विभाग सतर्क हो गया है और उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
वन विभाग की टीम जीपीएस ट्रैकर मशीन के जरिए हाथी और हथिनी की लोकेशन लगातार ट्रैक कर रही है। अधिकारियों की कोशिश है कि दोनों हाथियों की गतिविधियों की जानकारी समय रहते मिलती रहे, ताकि आसपास के ग्रामीण इलाकों में किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
चार दिनों से जंगल में घूम रहा जोड़ा
वन विभाग के अनुसार, हाथी और हथिनी का यह जोड़ा करीब चार दिन पहले ड्रमंडगंज वनरेंज के महुगढ़ी जंगल में पहुंचा था। इसके बाद दोनों लगातार अलग-अलग जंगल क्षेत्रों में घूमते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
घने वन क्षेत्र होने के कारण हाथियों की लगातार निगरानी चुनौतीपूर्ण है। हालांकि वन विभाग की टीम तकनीकी उपकरणों की मदद से उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।
मंगलवार शाम हाथियों का जोड़ा लहुरियादह जंगल में पहुंचा। यह क्षेत्र प्रयागराज जिले की सीमा से सटा हुआ है। यहां वनकर्मियों ने दूर से दोनों हाथियों को देखा और उनकी फोटो व वीडियो भी बनाए।
GPS ट्रैकर से लोकेशन पर नजर
क्षेत्रीय वन अधिकारी ड्रमंडगंज रविशंकर शर्मा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम हाथियों की लोकेशन पर नजर रख रही है। जीपीएस ट्रैकर मशीन के जरिए उनकी गतिविधियों को ट्रैक किया जा रहा है।
तकनीकी निगरानी से वनकर्मियों को यह समझने में मदद मिल रही है कि हाथियों का जोड़ा किस दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके आधार पर टीम अपनी निगरानी व्यवस्था को भी उसी क्षेत्र में केंद्रित कर रही है।
वन विभाग के लिए यह भी जरूरी है कि हाथियों को बिना परेशान किए सुरक्षित तरीके से उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाए।
महुगढ़ी से लहुरियादह पहुंचे
वनरक्षक अनादि नाथ तिवारी ने बताया कि हाथी और हथिनी महुगढ़ी जंगल से निकलकर लहुरियादह जंगल में पहुंच गए हैं। दोनों घने जंगल में मौजूद हैं और वनकर्मी उनकी निगरानी कर रहे हैं।
मंगलवार देर शाम प्रयागराज जिले की सीमा से लगे लहुरियादह जंगल में दोनों हाथियों को देखा गया। वनकर्मियों ने सुरक्षित दूरी से उनका फोटो और वीडियो रिकॉर्ड किया।
फिलहाल हाथियों के जंगल में होने के कारण वन विभाग की टीम आसपास के क्षेत्र पर भी नजर रख रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सतर्कता जरूरी
हाथियों की मौजूदगी जंगल से सटे ग्रामीण इलाकों के लिए भी महत्वपूर्ण है। यदि हाथी भोजन या पानी की तलाश में जंगल से निकलकर आबादी की ओर बढ़ते हैं तो लोगों और वन्यजीवों के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है।
इसी वजह से वन विभाग हाथियों की गतिविधियों को लगातार ट्रैक कर रहा है। उनकी लोकेशन के आधार पर जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को सतर्क किया जा सकता है।
अभी तक हाथियों के किसी आबादी वाले क्षेत्र में पहुंचने की जानकारी सामने नहीं आई है।
बांधवगढ़ से आया है जोड़ा
बताया गया है कि हाथी और हथिनी का यह जोड़ा मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र से चलकर ड्रमंडगंज के जंगलों तक पहुंचा है। वन्यजीवों का एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में विचरण करना सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया है।
भोजन, पानी और सुरक्षित आवास की तलाश में हाथी लंबी दूरी तय कर सकते हैं। इसी क्रम में यह जोड़ा मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश के वन क्षेत्र में पहुंचा है।
वन विभाग इस बात पर भी नजर रख रहा है कि हाथियों का अगला रुख किस दिशा में होता है।
घने जंगल में निगरानी चुनौती
लहुरियादह और आसपास का इलाका घने जंगल से घिरा है। ऐसे क्षेत्रों में हाथियों को सीधे देखना आसान नहीं होता। वे जंगल के भीतर लंबे समय तक बिना नजर आए आगे बढ़ सकते हैं।
ऐसे में जीपीएस ट्रैकिंग वन विभाग के लिए उपयोगी साबित हो रही है। इसके जरिए टीम हाथियों की संभावित लोकेशन का पता लगाकर निगरानी दल को संबंधित क्षेत्र में भेज रही है।
हालांकि तकनीकी निगरानी के साथ वनकर्मियों को मौके पर भी सतर्क रहना पड़ रहा है।
फोटो और वीडियो किए गए रिकॉर्ड
मंगलवार देर शाम हाथियों के जोड़े को देखने के बाद वनकर्मियों ने दूर से ही उनका फोटो और वीडियो बनाया। इससे हाथियों की मौजूदगी की पुष्टि करने के साथ उनकी स्थिति और गतिविधियों को दर्ज करने में भी मदद मिली।
वनकर्मियों ने सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए निगरानी की। हाथियों के बेहद करीब जाकर उन्हें देखने या उनकी गतिविधियों में हस्तक्षेप करने से बचा जा रहा है।
वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
हाथियों की मौजूदगी की जानकारी के बाद ड्रमंडगंज वनरेंज की टीम लगातार सक्रिय है। क्षेत्रीय वन अधिकारी रविशंकर शर्मा स्वयं टीम के साथ लोकेशन पर नजर रख रहे हैं।
वन विभाग की प्राथमिकता हाथियों और स्थानीय लोगों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके लिए हाथियों की दिशा और गतिविधियों पर नजर रखना सबसे जरूरी है।
यदि जोड़ा जंगल में ही रहता है तो स्थिति सामान्य बनी रह सकती है। लेकिन यदि वे आबादी की ओर बढ़ते हैं तो विभाग को अतिरिक्त कदम उठाने पड़ सकते हैं।
वन्यजीवों के विचरण पर नजर
हाथियों का एक राज्य से दूसरे राज्य के वन क्षेत्र में पहुंचना वन्यजीवों के प्राकृतिक आवागमन का हिस्सा हो सकता है। ऐसे मामलों में वन विभाग के सामने चुनौती यह रहती है कि जानवरों को सुरक्षित रास्ता मिले और मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति न बने।
ड्रमंडगंज वनरेंज में भी फिलहाल इसी उद्देश्य से निगरानी की जा रही है। हाथियों की गतिविधियों का रिकॉर्ड रखा जा रहा है और उनके अगले मूवमेंट पर नजर है।
आगे किस ओर जाएगा हाथियों का जोड़ा
चार दिनों से जंगल में घूम रहा हाथी और हथिनी का जोड़ा अब लहुरियादह क्षेत्र तक पहुंच चुका है। मंगलवार शाम दोनों को प्रयागराज सीमा से सटे जंगल में देखा गया।
फिलहाल दोनों घने जंगल में हैं और वन विभाग जीपीएस ट्रैकर के माध्यम से उनकी लोकेशन पता कर रहा है। वनकर्मियों ने सुरक्षित दूरी से फोटो और वीडियो भी बनाए हैं।
अब वन विभाग की नजर इस बात पर है कि हाथियों का जोड़ा जंगल के भीतर किस दिशा में आगे बढ़ता है। यदि वे वन क्षेत्र में ही रहते हैं तो स्थिति नियंत्रण में रहेगी, जबकि आबादी की ओर बढ़ने पर ग्रामीणों को सतर्क करने और सुरक्षा उपाय बढ़ाने की जरूरत होगी।
फिलहाल वन विभाग की टीम लगातार निगरानी में जुटी है और हाथी-हथिनी की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।





