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इंदौर के होटल सयाजी में खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी, 66 किलो नॉन-वेज सामग्री जब्त

इंदौर। शहर के पॉश विजय नगर क्षेत्र स्थित लग्जरी 5-स्टार होटल सयाजी में खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई से जुड़े नियमों के कथित उल्लंघन का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में होटल के किचन और स्टोरेज क्षेत्र में कई ऐसी खामियां मिलीं, जो खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती हैं।
विभाग के अनुसार, जांच के दौरान करीब 66 किलो नॉन-वेज खाद्य सामग्री ऐसी मिली, जिस पर बैच नंबर, पैकिंग से जुड़ी जानकारी, निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट दर्ज नहीं थी। इसके अलावा खाद्य पदार्थों को निर्धारित तापमान पर स्टोर न किए जाने और शाकाहारी तथा मांसाहारी सामग्री को एक साथ रखने जैसी अनियमितताएं भी सामने आईं।
इंदौर के फाइव स्टार होटल सयाजी के ये हाल। किचन में चूहे, काकरोच, फंगस लगा। वेज नॉनवेज एक साथ स्टोरhttps://t.co/zYtd5nKGTo pic.twitter.com/xpi2UHWSMC
— SanjayGupta_Journalist (@sanjaygupta1304) August 21, 2026
जांच में सामने आईं कई खामियां
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने होटल में खाद्य पदार्थों के रखरखाव, स्टोरेज और लेबलिंग की जांच की। इस दौरान अधिकारियों को कई स्तर पर नियमों का पालन नहीं किए जाने की जानकारी मिली।
जांच में पाया गया कि करीब 66 किलो नॉन-वेज खाद्य सामग्री पर जरूरी विवरण मौजूद नहीं थे। पैकिंग से संबंधित जानकारी के अलावा निर्माण और समाप्ति तिथि भी दर्ज नहीं थी। ऐसे खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल की स्थिति में उनकी गुणवत्ता और सुरक्षित उपयोग की अवधि का पता लगाना मुश्किल हो जाता है।
खाद्य सुरक्षा के लिहाज से पैक्ड खाद्य सामग्री पर आवश्यक जानकारी दर्ज होना महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे उपभोक्ताओं और खाद्य निरीक्षण अधिकारियों को उत्पाद की पहचान, निर्माण और उपयोग की अवधि के बारे में जानकारी मिलती है।
कोल्ड स्टोरेज में भी मिली गड़बड़ी
जांच के दौरान खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी तापमान का पालन नहीं किए जाने की बात भी सामने आई। खाद्य पदार्थों को निर्धारित तापमान पर नहीं रखने से उनकी गुणवत्ता प्रभावित होने और खराब होने का खतरा बढ़ सकता है।
अधिकारियों ने कोल्ड स्टोरेज की स्थिति की भी जांच की। वहां सीफूड, चिकन और मटन जैसी मांसाहारी सामग्री के साथ शाकाहारी खाद्य पदार्थ भी रखे हुए मिले। खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने की व्यवस्था का पालन नहीं किया गया था।
विशेषज्ञों के अनुसार, शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को उचित तरीके से अलग रखना क्रॉस-कंटैमिनेशन यानी एक खाद्य पदार्थ से दूसरे में संभावित दूषित तत्वों के पहुंचने के जोखिम को कम करने के लिए जरूरी होता है।
फर्श और दीवार से सटाकर रखा सामान
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में स्टोरेज व्यवस्था से जुड़ी एक और गंभीर खामी सामने आई। कई खाद्य सामग्री सीधे फर्श पर या दीवारों से सटाकर रखी गई थी।
खाद्य पदार्थों को सीधे फर्श पर रखना स्वच्छता के लिहाज से उचित नहीं माना जाता। इससे धूल, गंदगी, नमी या अन्य दूषित तत्वों के संपर्क में आने का खतरा रहता है। इसी तरह खाद्य सामग्री को दीवार से सटाकर रखने के कारण सफाई और निरीक्षण में भी परेशानी हो सकती है।
एक बड़े होटल में इस तरह की व्यवस्था सामने आने से खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
कुल्फी की पैकिंग पर भी नहीं थी जरूरी जानकारी
जांच के दौरान पैक्ड कुल्फी को लेकर भी अनियमितता सामने आई। अधिकारियों के मुताबिक, पैक्ड कुल्फी पर मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और बैच नंबर दर्ज नहीं थे।
किसी पैक्ड खाद्य उत्पाद पर जरूरी लेबलिंग जानकारी का न होना उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। खास तौर पर डेयरी और फ्रोजन उत्पादों के मामले में निर्माण तथा समाप्ति तिथि की जानकारी महत्वपूर्ण होती है।
मेन्यू में आइसक्रीम, परिसर में फ्रोजन डेजर्ट
जांच के दौरान होटल परिसर में एक और मामला सामने आया। वहां एक फ्रोजन डेजर्ट रखा हुआ था, जबकि होटल के मेन्यू में उसे आइसक्रीम के तौर पर दर्शाया गया था।
इससे खाद्य उत्पाद की सही पहचान और मेन्यू में उसके विवरण को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। ग्राहक किसी खाद्य पदार्थ को मेन्यू में जिस नाम से देखते हैं, उसके आधार पर ही उसका चयन करते हैं। ऐसे में वास्तविक उत्पाद और मेन्यू में दर्ज विवरण के बीच अंतर उपभोक्ता जानकारी के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है।
लग्जरी होटल में खामियों से उठे सवाल
सयाजी जैसे लग्जरी होटल में इस तरह की खाद्य सुरक्षा संबंधी कमियां सामने आने से कई सवाल उठ रहे हैं। आम तौर पर बड़े होटल अपने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, किचन की स्वच्छता और स्टोरेज व्यवस्था को लेकर विशेष सावधानी बरतने का दावा करते हैं।
ऐसे में एक साथ कई प्रकार की अनियमितताएं मिलने से खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। खास तौर पर बिना लेबल वाले नॉन-वेज खाद्य पदार्थ, गलत तापमान पर स्टोरेज और शाकाहारी-मांसाहारी सामग्री को साथ रखने जैसी स्थितियां जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई हैं।
विभाग की कार्रवाई पर नजर
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच के बाद अब आगे की कार्रवाई पर नजर है। करीब 66 किलो नॉन-वेज खाद्य सामग्री में जरूरी विवरण नहीं मिलने और अन्य अनियमितताओं के आधार पर विभाग नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है।
जांच का उद्देश्य होटल में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उन्हें सुरक्षित तरीके से रखने की व्यवस्था का आकलन करना भी है। विभाग की ओर से सामने आई खामियों के आधार पर जिम्मेदारी तय किए जाने की संभावना है।
ग्राहकों की सुरक्षा सबसे अहम
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। इसलिए होटल, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना जरूरी है।
इंदौर के सयाजी होटल में हुई जांच ने यह सवाल जरूर खड़ा किया है कि बड़े और प्रतिष्ठित खाद्य प्रतिष्ठानों में भी खाद्य सुरक्षा मानकों की नियमित निगरानी कितनी जरूरी है। करीब 66 किलो बिना जरूरी लेबल वाली नॉन-वेज सामग्री, निर्धारित तापमान का पालन न होना, शाकाहारी-मांसाहारी खाद्य पदार्थों का एक साथ रखा जाना, फर्श पर सामग्री रखने और पैक्ड कुल्फी पर जरूरी जानकारी न होने जैसी खामियों के सामने आने के बाद अब विभाग की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।





