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आधी रात जोरदार आवाज के साथ धंसा फ्लैट का फर्श, सोता परिवार बाहर भागा

इंदौर : गांधी नगर स्थित म्युनिसिपल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स की एक तीन मंजिला इमारत में शनिवार देर रात अचानक एक फ्लैट का फर्श करीब एक से दो फीट नीचे धंस गया। घटना के समय परिवार के सदस्य कमरे के अंदर सो रहे थे। अचानक तेज आवाज सुनाई देने और फर्श की टाइलें अंदर की ओर बैठ जाने से घर में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआत में परिवार को भूकंप आने की आशंका हुई, जिसके बाद सभी सदस्य तत्काल बाहर निकल आए। गनीमत रही कि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
यह घटना गांधी नगर पेट्रोल पंप के पास बने म्युनिसिपल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में हुई। प्रभावित फ्लैट में सुनील का बेटा कन्हैया अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रह रहा है। शनिवार रात परिवार के सभी सदस्य सो रहे थे। इसी दौरान उन्हें अचानक जोरदार आवाज सुनाई दी। आवाज इतनी तेज थी कि परिवार की नींद खुल गई और सभी घबरा गए।
कन्हैया ने कमरे की लाइट जलाई तो देखा कि फर्श पर लगी कई टाइलें नीचे की ओर धंस चुकी थीं। फर्श का एक हिस्सा अपनी सामान्य सतह से करीब एक से दो फीट नीचे बैठ गया था। अचानक हुए इस बदलाव को देखकर परिवार को पहले लगा कि शायद भूकंप आया है या इमारत का कोई हिस्सा गिरने वाला है। खतरे की आशंका को देखते हुए कन्हैया अपनी पत्नी और दोनों बच्चों को लेकर तुरंत फ्लैट से बाहर निकल आए।
शोर सुनकर इमारत के दूसरे फ्लैटों में रहने वाले लोग भी बाहर आ गए। प्रभावित हिस्से को देखने के बाद पूरे परिसर के निवासियों में चिंता फैल गई। लोगों को डर था कि कहीं फर्श धंसने की घटना इमारत की संरचना से जुड़ी किसी बड़ी समस्या का संकेत तो नहीं है। रात में ही कई परिवारों ने अपने कमरों और फ्लैटों के फर्श तथा दीवारों की जांच की। हालांकि दूसरे फ्लैटों में ऐसी किसी क्षति की जानकारी सामने नहीं आई है।
बताया गया है कि संबंधित तीन मंजिला इमारत में नौ से अधिक परिवार रहते हैं। इसके अलावा आसपास म्युनिसिपल अपार्टमेंट के करीब 10 से 12 अन्य ब्लॉक भी बने हुए हैं। एक फ्लैट का फर्श अचानक धंसने की घटना ने इन सभी ब्लॉकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि केवल प्रभावित फ्लैट की मरम्मत पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि पूरे कॉम्प्लेक्स की तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए।
घटना की जानकारी मिलने के बाद म्युनिसिपल अधिकारी रविवार सुबह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रभावित फ्लैट और धंसे हुए फर्श का निरीक्षण किया। उन्होंने इमारत में रहने वाले लोगों से घटना की जानकारी भी ली। अधिकारियों ने निवासियों को भरोसा दिलाया कि आवश्यक मरम्मत कराई जाएगी। हालांकि फर्श किस कारण से धंसा, इस संबंध में तत्काल कोई आधिकारिक तकनीकी निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
फर्श के नीचे की जमीन या भराव में खाली जगह बनने, नमी पहुंचने, पानी के रिसाव अथवा निर्माण संबंधी समस्या जैसी वजहों की संभावना हो सकती है, लेकिन विशेषज्ञ जांच के बिना किसी एक कारण की पुष्टि नहीं की जा सकती। ऐसे में निवासियों ने मांग की है कि सिविल और स्ट्रक्चरल इंजीनियरों की टीम से इमारत का विस्तृत निरीक्षण कराया जाए। जांच में नींव, फर्श के नीचे की मिट्टी, पाइपलाइन, सीवर लाइन और जल निकासी व्यवस्था की स्थिति को भी देखा जाना जरूरी है।
परिसर में रहने वाले परिवारों के बीच सबसे बड़ी चिंता बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर है। लोगों का कहना है कि यदि ऐसी घटना दिन में होती और कमरे में कोई व्यक्ति उस स्थान पर मौजूद होता तो उसे चोट लग सकती थी। रात के समय फर्श धंसने के बावजूद परिवार सुरक्षित बाहर निकल गया, जिससे एक संभावित हादसा टल गया। अब निवासी चाहते हैं कि मरम्मत शुरू होने तक प्रभावित हिस्से को सुरक्षित तरीके से घेरा जाए, ताकि कोई व्यक्ति अनजाने में वहां न पहुंचे।
नगर निकाय के सामने फिलहाल प्रभावित फ्लैट को रहने योग्य बनाने के साथ पूरी इमारत की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती है। यदि जांच के दौरान संरचनात्मक कमजोरी या जमीन बैठने जैसी गंभीर समस्या सामने आती है तो इमारत को खाली कराने अथवा परिवारों को अस्थायी आवास देने की जरूरत पड़ सकती है। इस बारे में अंतिम निर्णय तकनीकी रिपोर्ट मिलने के बाद ही लिया जा सकेगा।
घटना ने पुराने म्युनिसिपल आवासीय परिसरों के नियमित रखरखाव और समय-समय पर होने वाले सुरक्षा ऑडिट की जरूरत को भी सामने ला दिया है। बड़ी संख्या में परिवार इन इमारतों में रहते हैं, इसलिए केवल दिखाई देने वाली क्षति की मरम्मत करने के बजाय संभावित कमजोरियों की पहचान करना आवश्यक है। निवासियों को अब अधिकारियों की विस्तृत जांच और मरम्मत कार्य शुरू होने का इंतजार है।





