मध्य प्रदेश

भोपाल में मेट्रो निर्माण के दौरान गैस पाइपलाइन में लगी आग

Kavita2
24 Oct 2026 6:01 PM IST
भोपाल में मेट्रो निर्माण के दौरान गैस पाइपलाइन में लगी आग
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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार, 24 अक्टूबर को मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा सामने आया। छोला क्षेत्र में पुल के पास भूमिगत गैस पाइपलाइन में आग लगने से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें करीब 10 फीट तक ऊंची उठने लगीं। अचानक लगी आग को देखकर स्थानीय लोग और वहां से गुजर रहे राहगीर घबरा गए। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। गैस की आपूर्ति बंद कराने के बाद आग पर काबू पाने की कार्रवाई की गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मेट्रो निर्माण के लिए जमीन की खुदाई के दौरान जेसीबी मशीन से गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई, जिसके बाद गैस का रिसाव शुरू हो गया और उसमें आग लग गई।

खुदाई के दौरान क्षतिग्रस्त हुई भूमिगत पाइपलाइन

जानकारी के अनुसार, घटना शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे की है। भोपाल के छोला क्षेत्र में पुल के पास मेट्रो परियोजना से जुड़ा निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान एक जेसीबी मशीन की मदद से जमीन की खुदाई की जा रही थी। बताया जा रहा है कि खुदाई करते समय मशीन भूमिगत पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) पाइपलाइन से टकरा गई।

मशीन की टक्कर से पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें से गैस का रिसाव होने लगा। इसके कुछ ही देर बाद गैस में आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें तेजी से ऊपर उठने लगीं। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों ने जब आग की ऊंची लपटें देखीं तो वहां हड़कंप मच गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की लपटें लगभग 10 फीट तक ऊंची उठ रही थीं। इस दौरान आसपास से गुजरने वाले लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। निर्माण स्थल के पास मौजूद लोगों में भी दहशत का माहौल बन गया।

गैस पाइपलाइन में आग लगते ही मचा हड़कंप

गैस पाइपलाइन में आग लगने की घटना ने निर्माण स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी। भूमिगत गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद आग तेजी से फैल सकती थी। ऐसे में मौके पर मौजूद लोगों के लिए स्थिति खतरनाक बन गई थी।

आग की ऊंची लपटों को देखकर लोगों की भीड़ जमा होने लगी। घटना की जानकारी संबंधित विभागों और दमकल टीम तक पहुंचाई गई। सूचना मिलने के बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने लोगों को घटनास्थल से दूर रखने की कोशिश की, ताकि आग बुझाने और गैस की आपूर्ति बंद कराने के दौरान किसी तरह की अतिरिक्त परेशानी न हो।

घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में कुछ समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। आग लगने के कारणों को लेकर शुरुआती जानकारी में जेसीबी से खुदाई के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई है। हालांकि, निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों के पालन और जिम्मेदारी से जुड़े विस्तृत तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।

दमकल टीम ने संभाला मोर्चा, गैस सप्लाई कराई बंद

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। राहत दल ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रयास किए। वहीं, संबंधित गैस कंपनी से संपर्क कर पाइपलाइन की आपूर्ति बंद कराने की कार्रवाई भी की गई।

स्थानीय समाचार रिपोर्टों के अनुसार, गैस की आपूर्ति बंद कराने और दमकल टीम की कार्रवाई के बाद आग पर काबू पाया गया। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। आग की चपेट में आसपास बिछी टेलीकॉम केबलों के आने की भी जानकारी सामने आई है।

हालांकि, घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने या संपत्ति को हुए कुल नुकसान के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में नुकसान और जनहानि को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

मेट्रो निर्माण के दौरान सुरक्षा पर उठे सवाल

भोपाल में सामने आई इस घटना ने निर्माण कार्यों के दौरान जमीन के नीचे बिछी गैस, पानी और अन्य उपयोगी सेवाओं की पाइपलाइनों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहरों में मेट्रो, सड़क और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के तहत बड़े स्तर पर खुदाई की जाती है। ऐसी स्थिति में जमीन के नीचे मौजूद पाइपलाइन और केबल की सटीक जानकारी होना बेहद जरूरी है।

खुदाई से पहले संबंधित विभागों और गैस वितरण कंपनी से समन्वय नहीं होने पर इस तरह की घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। जेसीबी जैसी भारी मशीनों से खुदाई करते समय विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है, क्योंकि पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने पर गैस रिसाव, आग लगने और गंभीर दुर्घटना की आशंका रहती है।

इस तरह के हादसों से बचने के लिए निर्माण एजेंसियों को खुदाई शुरू करने से पहले भूमिगत सेवाओं की पहचान करनी चाहिए। साथ ही, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए घटनास्थल पर सुरक्षा इंतजाम और संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल होना भी जरूरी है।

जांच और नुकसान की स्थिति पर नजर

छोला क्षेत्र में मेट्रो निर्माण के दौरान गैस पाइपलाइन में आग लगने की घटना के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पाइपलाइन किस तरह क्षतिग्रस्त हुई और निर्माण स्थल पर सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन किया जा रहा था या नहीं। संबंधित एजेंसियों की जांच से घटना के कारणों और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

फिलहाल सामने आई जानकारी के मुताबिक, दमकल टीम की मदद से आग पर काबू पा लिया गया और गैस की आपूर्ति बंद कराने की कार्रवाई की गई। इस घटना ने एक बार फिर याद दिलाया है कि निर्माण कार्यों में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े खतरे का कारण बन सकती है। समय रहते सुरक्षा उपाय अपनाना और भूमिगत पाइपलाइनों की जानकारी के साथ खुदाई करना ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बेहद जरूरी है।

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