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कटनी CSP नेहा पचिसिया के खिलाफ जमीन हड़पने के आरोप में FIR, जांच के आदेश

कटनी। कटनी शहर की पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पचिसिया के खिलाफ जमीन हड़पने के कथित मामले में FIR दर्ज किए जाने का मामला सामने आया है। अधिकारियों ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। मामला हत्या के एक आरोपी के परिवार की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों से जुड़ा है। परिवार का दावा है कि आरोपी को जेल से बाहर निकलवाने के बदले उन पर जमीन बेचने, जमीन का सौदा करने और 75 लाख रुपये देने का दबाव बनाया गया।
परिवार की शिकायत के बाद मामला उच्च स्तर तक पहुंचा। बताया गया है कि इस संबंध में मुख्यमंत्री, मानवाधिकार आयोग और अदालत के समक्ष भी शिकायत की गई थी। शिकायतों में पुलिस अधिकारी पर कथित तौर पर दबाव बनाने और जमीन से जुड़े लेन-देन के लिए मजबूर करने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
हत्या के आरोपी के परिवार ने लगाए आरोप
मामले का संबंध हत्या के एक प्रकरण में आरोपी व्यक्ति के परिवार से बताया जा रहा है। परिवार ने आरोप लगाया कि आरोपी को जेल से छुड़ाने में मदद करने के बदले उनसे जमीन बेचने और कथित तौर पर 75 लाख रुपये देने के लिए दबाव बनाया गया। परिवार का यह भी आरोप है कि जमीन के सौदे को लेकर उन पर लगातार दबाव डाला गया।
शिकायतकर्ताओं ने अपनी बात विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों और संस्थानों के सामने रखी। मुख्यमंत्री को दी गई शिकायत के अलावा मानवाधिकार आयोग और अदालत में भी मामला उठाया गया। इसके बाद पुलिस विभाग के स्तर पर शिकायतों की जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
IG ने जांच के लिए अतिरिक्त SP को जिम्मेदारी दी
मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर जनरल (IG) ने जांच की जिम्मेदारी जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल को सौंपी है। उन्हें दो अलग-अलग आरोपों की जांच करने को कहा गया है। इनमें एक शिकायत ट्रांसपोर्टर की ओर से कथित उगाही से संबंधित है, जबकि दूसरी शिकायत हत्या के आरोपी की ओर से लगाए गए आरोपों से जुड़ी है।
अतिरिक्त SP अब शिकायतों में लगाए गए आरोपों की जांच करेंगी। जांच के दौरान संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाने, दस्तावेजों की पड़ताल और जमीन से जुड़े लेन-देन की जानकारी जुटाए जाने की संभावना है। पुलिस विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
ट्रांसपोर्टर की शिकायत भी जांच के दायरे में
इस पूरे मामले में केवल जमीन विवाद ही नहीं, बल्कि एक ट्रांसपोर्टर की ओर से की गई कथित उगाही की शिकायत को भी जांच में शामिल किया गया है। IG ने इस शिकायत की जांच भी अतिरिक्त SP अनु बेनीवाल को सौंपी है। इससे मामले का दायरा बढ़ गया है और अब अलग-अलग शिकायतों में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से जांच की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के सामने यह महत्वपूर्ण चुनौती होगी कि शिकायतों में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए पर्याप्त साक्ष्य जुटाए जाएं। जमीन के दस्तावेज, कथित लेन-देन, संबंधित पक्षों के बयान और शिकायतों में उल्लेखित घटनाओं की परिस्थितियों की जांच की जा सकती है।
कई स्तरों पर पहुंचा मामला
CSP के खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर शिकायत पहले ही कई स्तरों पर की जा चुकी थी। परिवार की ओर से मुख्यमंत्री और मानवाधिकार आयोग से शिकायत किए जाने के साथ अदालत का दरवाजा भी खटखटाया गया। इसके बाद पुलिस विभाग ने मामले की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारी को जिम्मेदारी दी।
पुलिस विभाग के किसी अधिकारी के खिलाफ इस तरह के आरोप सामने आने के बाद निष्पक्ष जांच की आवश्यकता और बढ़ जाती है। यही वजह है कि मामले की जांच कटनी से बाहर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को सौंपी गई है। इससे शिकायतों की स्वतंत्र तरीके से जांच किए जाने की उम्मीद है।
जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल FIR दर्ज होने और जांच शुरू होने की जानकारी सामने आई है। CSP नेहा पचिसिया के खिलाफ लगाए गए जमीन हड़पने और दबाव बनाने के आरोपों की पुष्टि अभी जांच के स्तर पर नहीं हुई है। इसी तरह ट्रांसपोर्टर की कथित उगाही संबंधी शिकायत के आरोपों पर भी जांच पूरी होना बाकी है।
जांच अधिकारी अब शिकायतकर्ताओं और अन्य संबंधित पक्षों से जानकारी जुटाएंगे। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो मामले में आगे कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो जांच के निष्कर्ष के आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल कटनी पुलिस से जुड़े इस मामले ने पुलिस विभाग के भीतर भी ध्यान खींचा है। जमीन के कथित सौदे, 75 लाख रुपये की मांग, हत्या के आरोपी के परिवार के आरोप और ट्रांसपोर्टर की शिकायत—इन सभी पहलुओं की जांच अब अतिरिक्त SP अनु बेनीवाल करेंगी। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।





