मध्य प्रदेश

Kuno में घायल मिली मादा चीता, चीता प्रोजेक्ट को झटका

Kavita2
4 Jun 2026 10:33 AM IST
Kuno में घायल मिली मादा चीता, चीता प्रोजेक्ट को झटका
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : कुनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट के लिए एक बड़ा झटका लगा है। 1 जून को मुरैना जिले के पहाड़गढ़ इलाके में भारत में जन्मी मादा चीता KGP 11 घायल मिली। यह मादा चीता मार्च 2025 में जंगल में छोड़ दी गई थी और तब से निगरानी में थी।

कुनो नेशनल पार्क के सूत्रों ने बताया कि ट्रैकिंग टीम ने घायल चीता की लोकेशन संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचित की। इसके बाद वन्यजीव विभाग की डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची और मादा चीता की गंभीर चोटों की जाँच की। चोटों की गंभीरता को देखते हुए, टीम ने उसे तुरंत बचाने का फैसला किया।

गंभीर रूप से घायल मादा चीता को कुनो के पालपुर ट्रीटमेंट सेंटर में लाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। वन विभाग ने बताया कि फिलहाल चीता निगरानी में है और क्वारंटीन बॉमा में रखा गया है। डॉक्टरों और विशेषज्ञों की टीम उसकी लगातार देखभाल कर रही है, ताकि उसकी चोटों का सही इलाज हो सके।

वन्यजीव अधिकारियों ने बताया कि मादा चीता की चोटों का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है। हालांकि शुरुआती जाँच में किसी अन्य जानवर या मानवीय हस्तक्षेप से हुई चोट की संभावना पर भी गौर किया जा रहा है। KGP 11 के घायल होने से कुनो में जारी चीता प्रोजेक्ट की सफलता पर असर पड़ सकता है।

कुनो नेशनल पार्क में 2022 में शुरू किए गए चीता प्रोजेक्ट का उद्देश्य भारत में विलुप्त होने के कगार पर खड़े चीते की संख्या बढ़ाना और उन्हें प्राकृतिक आवास में सुरक्षित करना है। इस प्रोजेक्ट के तहत गुजरात और अन्य राज्यों से लाए गए चीते कुनो में छोड़े गए हैं और उनकी ट्रैकिंग की जाती है। मादा चीता KGP 11 भी इस प्रोजेक्ट की महत्वपूर्ण इकाई थी और उसका जंगल में व्यवहार और शिकार की आदतों को मॉनीटर किया जा रहा था।

न्यजीव विभाग के अधिकारियों ने कहा कि KGP 11 का घायल होना चिंता का विषय है, लेकिन उसे सही तरीके से इलाज मिलने से उम्मीद है कि वह जल्द ही स्वस्थ हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना में अन्य चीते और उनका जीवन खतरे में नहीं है और प्रोजेक्ट की सुरक्षा और निगरानी को और कड़ा किया जाएगा।

इस घटना ने वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरणविदों के बीच भी चिंता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रोजेक्ट के लिए सभी पहलुओं पर ध्यान रखना जरूरी है, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।

कुनो नेशनल पार्क के अधिकारी लगातार चीते की ट्रैकिंग कर रहे हैं और प्रोजेक्ट के तहत सभी चीते की सुरक्षा के लिए विशेष उपाय किए गए हैं। मादा चीता KGP 11 के ठीक होने के बाद ही उसके जंगल में लौटने की योजना बनाई जाएगी।

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