मध्य प्रदेश

ट्रैकर पर चाइनीज उपकरणों से भ्रूण परीक्षण की आशंका, डिलीवरी का रजिस्ट्रेशन करें

Admin Delhi 1
27 Feb 2023 6:36 AM GMT
ट्रैकर पर चाइनीज उपकरणों से भ्रूण परीक्षण की आशंका, डिलीवरी का रजिस्ट्रेशन करें
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इंदौर न्यूज़: जिले में गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम (पीसी एण्ड पीएनडीटी एक्ट) का क्रियान्वयन सख्ती से करवाया जाएगा. सोनोग्राफी मशीनों पर ट्रैकर लगे हैं. इसके बाद भी चाइनीज उपकरण लगाकर भ्रूण लिंग परीक्षण की आशंका रहती है. महिला के गर्भवती होने का रिकॉर्ड मिल जाता है, डिलीवरी की जानकारी नहीं मिल रही है. अब शहर के निजी व सरकारी सभी हॉस्पिटल में डिलीवरी का रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य रूप से करें, जिससे मिसिंग की जानकारी मिल सकेगी. ट्रैकर के साथ इस काम के लिए डाटा एनालिटिक्स का भी उपयोग करें.यह निर्देश पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत गठित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में कलेक्टर डॉ इलैयाराजा टी ने दिए. समिति के सदस्यों से कहा कि एक्ट का पालन करवाना आपकी भी जिम्मेदारी है. अगली बैठक में पूरी जानकारी के साथ आएं. बैठक में बताया गया कि इंदौर का जन्म के समय लिंगानुपात प्रति हजार 996 है. जिले में कोविड के बाद सोनोग्राफी सेंटर्स, सीटी स्कैन व एमआरआई मशीनों की संख्या में आश्चर्य जनक रूप से इजाफा हुआ है. इस पर ध्यान देने की जरूरत है.

कलेक्टर ने कहा, भ्रूण लिंग परीक्षण वर्तमान में प्रमुख मुद्दा है. इसके लिए ट्रैकर तो लगा दिया, लेकिन आधुनिक तकनीकी के उपयोग की जानकारी भी ली जाए. कई चाइनीज उपकरण ऐसे आ गए हैं, जिनसे आसानी से परीक्षण हो जाता है. सदस्य व विभाग के लोग इस पर नजर रखें और इसका स्टिंग करें. उन्होंने अमला बढ़ाने, ट्रैकर के साथ डिलीवरी का डाटा एकत्रित करने के लिए हॉस्पिटल्स के लिए ऑनलाइन जानकारी अनिवार्य करने जैसे कदम उठाने पर भी चर्चा की. प्रभारी डॉ. पूर्णिमा गडरिया व सदस्य डॉ. मुकेश सिन्हा ने वर्तमान गतिविधियों की जानकारी दी. कलेक्टर ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था संतोषजनक नहीं है. जिले में ऐसी गर्भवती महिलाएं जिन्हें दो या इससे अधिक बालिकाएं हैं उनका सत्यापन एएनएम तथा आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से करवाएं. बैठक में सीएमएचओ बीएस सैत्या को निजी हॉस्पिटल्स, एआरटी व आइवीएफ सेंटर पर निगरानी के निर्देश दिए.

586 सोनोग्राफी मशीन

बैठक में बताया गया, शहर में वर्तमान में 586 सोनोग्राफ्री मशीन है. 402 सेंटर हैं, 55 सिटी स्कैन व 31 एमआरआई मशीनें हैं. आइवीएफ व एआरटी सेंटर्स 26 हो गए हैं. इन पर निगरानी के लिए अमला बढ़ाया जाएगा.

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