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भोपाल-इंदौर समेत चार शहरों में फास्ट ट्रैक कोर्ट, परीक्षा माफिया पर सख्त होगी कार्रवाई

भोपाल : मध्य प्रदेश सरकार ने पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि प्रदेश में परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के मामलों की जल्द सुनवाई के लिए चार फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। ये विशेष अदालतें भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में बनाई जाएंगी, जहां पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी और छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा के सेंट्रल हॉल में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि परीक्षा संबंधी विवादों का जल्द समाधान हो और दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
90 दिनों में फैसला सुनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े मामलों की सुनवाई तेज गति से की जाएगी। सरकार ने इन मामलों का निपटारा 90 दिनों के भीतर करने का लक्ष्य रखा है। इससे छात्रों को लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और दोषियों पर भी जल्द कार्रवाई हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में होंगी विशेष अदालतें
सरकार द्वारा चुने गए चार प्रमुख शहरों में बनने वाली फास्ट ट्रैक अदालतें शिक्षा क्षेत्र से जुड़े संवेदनशील मामलों की सुनवाई करेंगी। इन अदालतों का उद्देश्य ऐसे मामलों को सामान्य न्याय प्रक्रिया से अलग प्राथमिकता के साथ निपटाना है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा।
नीट पेपर लीक मामले का किया जिक्र
डॉ. मोहन यादव ने नीट पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मामले की जानकारी सामने आने के बाद तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि विद्यार्थियों को निष्पक्ष माहौल मिले और मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय न हो।
परीक्षा प्रक्रिया को मजबूत करने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में परीक्षा संचालन के लिए नए मानक तैयार किए जाएंगे। इसके लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) बनाया जाएगा, जिसमें परीक्षा आयोजन से लेकर प्रश्नपत्र सुरक्षा और निगरानी तक के सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा, जिससे पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं की संभावनाओं को कम किया जा सके।
छात्र हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। युवाओं की मेहनत और उनके सपनों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।
सरकार के इस फैसले से परीक्षा संबंधी मामलों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। अब चारों शहरों में बनने वाली विशेष अदालतों के माध्यम से ऐसे मामलों का जल्द निपटारा करने की व्यवस्था तैयार की जाएगी।





