- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- मूंग खरीद को लेकर...

हरदा : मध्य प्रदेश के हरदा जिले के हंडिया में मूंग फसल की पूरी खरीद की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। भारतीय किसान संघ (BKS) के 100 से अधिक सदस्यों ने मंगलवार को नर्मदा नदी में उतरकर जल सत्याग्रह किया। किसानों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है और मूंग की 100 प्रतिशत खरीद में देरी की जा रही है।
किसानों का यह आंदोलन लगातार 11वें दिन भी जारी रहा। इससे पहले किसान स्थानीय मंडी में धरना देकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं मिलने के बाद किसानों ने आंदोलन का तरीका बदलते हुए नर्मदा नदी में जल सत्याग्रह शुरू कर दिया।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि वे लंबे समय से मूंग की पूरी फसल खरीदने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।
भारतीय किसान संघ के सदस्यों ने आरोप लगाया कि सरकारी खरीद प्रक्रिया धीमी होने के कारण बड़ी संख्या में किसान परेशान हैं। कई किसान अपनी तैयार मूंग फसल को बेच नहीं पा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों के अनुसार, फसल की बिक्री नहीं होने के कारण उन्हें खेती से जुड़े खर्चों, कर्ज और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में परेशानी हो रही है। वहीं, खुले बाजार में मूंग की कीमतों को लेकर भी किसानों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पिछले 11 दिनों से मंडी में शांतिपूर्ण तरीके से धरना दिया जा रहा है, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है। किसानों का आरोप है कि अधिकारियों ने उनकी मांगों को नजरअंदाज किया है।
किसानों की मुख्य मांग है कि सरकार मूंग की पूरी फसल की खरीद सुनिश्चित करे। उनका कहना है कि जब तक सभी किसानों की मूंग खरीदी नहीं जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
जल सत्याग्रह के दौरान बड़ी संख्या में किसान नर्मदा नदी में खड़े रहे और सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की। किसानों ने कहा कि वे अपनी मेहनत की फसल का उचित मूल्य चाहते हैं और इसके लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई। अधिकारियों की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक किसानों और प्रशासन के बीच कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई थी।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, मूंग जैसी दलहन फसलों की समय पर खरीद बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि खरीद प्रक्रिया में देरी होती है तो किसानों को मजबूरी में कम कीमत पर फसल बेचनी पड़ सकती है।
किसानों का कहना है कि सरकार को खरीद केंद्रों की क्षमता बढ़ानी चाहिए और सभी पात्र किसानों की फसल खरीदने की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
भारतीय किसान संघ ने कहा कि किसानों की मांग पूरी तरह जायज है और सरकार को इस दिशा में तत्काल कदम उठाना चाहिए। संगठन का कहना है कि किसान लंबे समय से अपनी मेहनत का उचित मूल्य और फसल की सुरक्षित बिक्री की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल हंडिया में किसानों का जल सत्याग्रह जारी है। प्रशासन और किसान संगठनों के बीच बातचीत की संभावना बनी हुई है। किसानों की नजर अब सरकार के अगले कदम पर है।
मूंग खरीद को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब बड़ा रूप ले चुका है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार किसानों की मांगों पर क्या निर्णय लेती है और आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है।





