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मूंग खरीदी और खाद व्यवस्था को लेकर किसानों का प्रदर्शन तेज

भोपाल। मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीद और खाद वितरण प्रणाली में बदलाव की मांग को लेकर किसानों का विरोध प्रदर्शन बुधवार को तेज हो गया। अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में किसान भोपाल पहुंचे और मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च शुरू कर दिया। किसानों के प्रदर्शन के कारण शहर के कुछ हिस्सों में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
किसानों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मंगलवार देर रात जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में भी कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका, जिसके बाद किसान आंदोलन जारी रखने के फैसले पर अड़े रहे।
होशंगाबाद रोड पर रातभर डटे रहे किसान
प्रशासन के साथ बातचीत विफल होने के बाद करीब 2,000 किसान पूरी रात होशंगाबाद रोड पर डटे रहे। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखा और बुधवार सुबह आगे की रणनीति तय की।
किसानों का कहना है कि मूंग की सरकारी खरीद में सभी किसानों की उपज शामिल की जानी चाहिए। उनका आरोप है कि मौजूदा व्यवस्था में कई किसान अपनी पूरी फसल बेच नहीं पा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों ने मांग की है कि सरकार मूंग की 100 प्रतिशत खरीद सुनिश्चित करे, ताकि उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
खाद वितरण प्रणाली में बदलाव की मांग
प्रदर्शन कर रहे किसानों की दूसरी प्रमुख मांग खाद वितरण व्यवस्था को लेकर है। किसानों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में उन्हें समय पर खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
खेती के मौसम में खाद की जरूरत सबसे अधिक होती है, लेकिन वितरण में देरी और असुविधाओं के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। किसानों ने मांग की है कि खाद वितरण प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाया जाए, जिससे सभी किसानों को समय पर खाद मिल सके।
मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े किसान
मांगें पूरी नहीं होने से नाराज किसानों ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने का निर्णय लिया। बड़ी संख्या में किसानों के सड़क पर उतरने से शहर के कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ।
प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। पुलिस बल की तैनाती की गई है और अधिकारियों द्वारा लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
प्रशासन की कोशिश है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहे और आम लोगों को कम से कम परेशानी हो।
किसानों और प्रशासन के बीच नहीं बनी सहमति
मंगलवार रात जिला अधिकारियों और किसान प्रतिनिधियों के बीच बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में किसानों की मांगों पर चर्चा हुई, लेकिन कोई अंतिम समाधान नहीं निकल पाया।
किसान नेताओं का कहना है कि वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि मांगों पर ठोस निर्णय चाहते हैं। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
यातायात व्यवस्था पर पड़ा असर
किसानों के प्रदर्शन और मार्च के कारण भोपाल के कुछ हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ। कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही धीमी रही और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगा।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और जरूरी होने पर ही प्रभावित क्षेत्रों से गुजरें।
किसानों ने बताई अपनी समस्याएं
प्रदर्शन में शामिल किसानों ने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि फसल का उचित मूल्य मिलना चुनौती बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी खरीद व्यवस्था मजबूत होने से किसानों को राहत मिलेगी।
किसानों का कहना है कि मूंग उत्पादन करने वाले कई किसान अपनी उपज बेचने के लिए परेशान होते हैं। इसलिए सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जिसमें हर किसान को अपनी पूरी फसल बेचने का अवसर मिले।
सरकार के अगले कदम पर नजर
फिलहाल किसानों का प्रदर्शन जारी है और सभी की नजर सरकार की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर है। प्रशासन किसानों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है।
किसानों का आंदोलन कृषि नीतियों, सरकारी खरीद और खाद वितरण व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर है। अब देखना होगा कि सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच आगे की बातचीत से कोई सहमति बनती है या आंदोलन और तेज होता है।
प्रदर्शन के बीच प्रशासन की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसानों की समस्याओं का समाधान निकालना है।





