मध्य प्रदेश

MSP पर 100% मूंग खरीद की मांग को लेकर हरदा में किसानों का प्रदर्शन तेज

Kavita2
11 July 2026 10:05 AM IST
MSP पर 100% मूंग खरीद की मांग को लेकर हरदा में किसानों का प्रदर्शन तेज
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हरदा : मध्य प्रदेश के हरदा जिले में गर्मियों की मूंग की 100 प्रतिशत खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर किए जाने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को आंदोलन के सातवें दिन भारतीय किसान संघ (BKS) के नेतृत्व में किसानों ने आधे दिन का बंद रखा। किसानों के समर्थन में व्यापारिक संगठनों ने भी अपनी दुकानें बंद रखीं, जिससे शहर में बंद का व्यापक असर देखने को मिला।

हालांकि आवश्यक सेवाओं को बंद से अलग रखा गया। मेडिकल स्टोर, दूध की दुकानें तथा सब्जी विक्रेताओं ने सामान्य रूप से अपना काम जारी रखा ताकि आम लोगों को आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता में कोई परेशानी न हो।

भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान कृषि उपज मंडी परिसर में एकत्र हुए। किसानों ने सरकार से मांग की कि प्रदेश में उत्पादित ग्रीष्मकालीन मूंग की पूरी उपज की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि यदि सरकार सभी किसानों की मूंग की खरीद नहीं करती है तो उन्हें खुले बाजार में कम कीमत पर अपनी उपज बेचने के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिससे आर्थिक नुकसान होगा।

आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए किसानों ने इस दौरान विभिन्न प्रकार के शांतिपूर्ण और प्रतीकात्मक प्रदर्शन किए। आंदोलन स्थल पर किसानों ने दंडवत यात्रा निकाली, बर्तन बजाकर विरोध दर्ज कराया, हवन किया तथा हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ भी किया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों ने अपनी मांगों के प्रति सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया।

किसानों का कहना है कि गर्मियों की मूंग की खेती में उन्हें बीज, खाद, सिंचाई, मजदूरी और अन्य कृषि कार्यों पर काफी लागत खर्च करनी पड़ती है। ऐसे में यदि उपज की खरीद समर्थन मूल्य पर नहीं होती है तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उनका कहना है कि सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और फसलों का उचित मूल्य दिलाने का आश्वासन दिया है, इसलिए मूंग की पूरी खरीद MSP पर सुनिश्चित की जानी चाहिए।

आंदोलन में शामिल किसानों ने यह भी कहा कि वे अपनी मांग पूरी होने तक शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे। उनका कहना है कि यह केवल हरदा जिले का मुद्दा नहीं है, बल्कि प्रदेश के हजारों मूंग उत्पादक किसानों की आजीविका से जुड़ा विषय है।

व्यापारियों द्वारा आंदोलन को समर्थन दिए जाने से किसानों का मनोबल और बढ़ा है। बंद के दौरान शहर के कई बाजारों में दुकानें निर्धारित समय तक बंद रहीं। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होना पूरे व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक है, इसलिए वे किसानों की जायज मांगों के साथ खड़े हैं।

बंद के बावजूद प्रशासन ने आवश्यक सेवाओं को प्रभावित नहीं होने दिया। अस्पताल, मेडिकल स्टोर, दूध वितरण और सब्जी की दुकानों पर सामान्य गतिविधियां जारी रहीं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे दिन कानून-व्यवस्था पर नजर बनाए रखी। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद किसानों को बाजार में मूल्य गिरने से सुरक्षा प्रदान करती है। यदि खरीद व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है तो किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सकता है और कृषि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहती है।

उधर, आंदोलन के दौरान किसानों ने सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की अपील की। उनका कहना है कि फसल तैयार है और खरीद में देरी होने से किसानों को भंडारण तथा गुणवत्ता संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए समय रहते खरीद प्रक्रिया को तेज किया जाना आवश्यक है।

भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा। यदि सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन की रणनीति को और व्यापक बनाया जा सकता है।

प्रशासन की ओर से अभी तक आंदोलन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि किसानों की मांगों और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभागों और किसान संगठनों के साथ बातचीत भी की जा सकती है।

फिलहाल हरदा में किसानों का आंदोलन सातवें दिन भी जारी है। MSP पर गर्मियों की मूंग की 100 प्रतिशत खरीद की मांग को लेकर किसान अपने प्रदर्शन के माध्यम से सरकार पर दबाव बना रहे हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार किसानों की मांगों पर क्या निर्णय लेती है और आंदोलन का आगे क्या स्वरूप रहता है।

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