मध्य प्रदेश

Moong खरीदी की मांग पर अड़े किसान, हरदा में NH-47 पर चक्काजाम

Ratna Netam
15 July 2026 6:13 PM IST
Moong  खरीदी की मांग पर अड़े किसान, हरदा में NH-47 पर चक्काजाम
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Harda हरदा : मध्य प्रदेश के हरदा जिले में मूंग की समर्थन मूल्य पर खरीदी को लेकर किसानों ने बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया है। बुधवार दोपहर बड़ी संख्या में किसान सड़कों पर उतर आए और नागपुर-इंदौर नेशनल हाईवे-47 पर चक्काजाम कर दिया। किसानों ने अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। हाईवे पर टेंट लगाकर किसान अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं, जिसके कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है।

किसानों का यह आंदोलन आम किसान यूनियन के नेतृत्व में शुरू किया गया है। आंदोलन में करीब एक हजार किसानों के शामिल होने की बात सामने आ रही है। किसानों का कहना है कि सरकार को मूंग की शत-प्रतिशत समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सके।

किसानों का आरोप है कि वर्तमान खरीदी व्यवस्था में कई किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर पूरी मात्रा में मूंग की खरीदी नहीं हुई तो किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हाईवे से हटने का कोई सवाल नहीं है।

जानकारी के अनुसार, हरदा शहर के पास पिड़गांव क्षेत्र में किसानों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू किया। इसके चलते नागपुर-इंदौर नेशनल हाईवे-47 पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई। हाईवे पर लंबा जाम लगने की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कदम उठाए और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की व्यवस्था भी की है। पुलिस अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, प्रशासनिक अधिकारी किसान नेताओं से बातचीत कर आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त कराने का प्रयास कर रहे हैं।

यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कई मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू किया है। इंदौर, हरदा, खंडवा, नर्मदापुरम और बैतूल की ओर जाने वाले भारी एवं हल्के वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से भेजा जा रहा है। पुलिसकर्मी वाहन चालकों को डायवर्ट किए गए मार्गों की जानकारी दे रहे हैं, ताकि लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना न करना पड़े।

किसान नेताओं का कहना है कि मूंग की पूरी खरीदी नहीं होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उनका दावा है कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि खरीदी प्रक्रिया को तेज किया जाए और सभी किसानों की मूंग समर्थन मूल्य पर खरीदी जाए।

फिलहाल प्रशासन और किसानों के बीच बातचीत जारी है। अधिकारी लगातार किसान प्रतिनिधियों से संपर्क में हैं और समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और उन्होंने आंदोलन समाप्त करने के कोई संकेत नहीं दिए हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है।

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