मध्य प्रदेश

पन्ना में किसान को मिला 19.68 कैरेट का हीरा, कीमत 40 लाख से अधिक

Kavita2
12 Aug 2026 11:13 AM IST
पन्ना में किसान को मिला 19.68 कैरेट का हीरा, कीमत 40 लाख से अधिक
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पन्ना ; जिले में सोमवार सुबह एक किसान की किस्मत उस समय चमक उठी, जब उसके खेत में खुदाई के दौरान 19.68 कैरेट वजन का बेशकीमती हीरा मिला। बेहतरीन गुणवत्ता वाले इस हीरे की कीमत 40 लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है। सामने आए विवरण के अनुसार, यह इस साल पन्ना जिले में मिला अब तक का सबसे भारी हीरा बताया जा रहा है। हीरा मिलने की खबर फैलते ही किसान और उसके साथियों में खुशी का माहौल है।

हीरा मिलने वाले किसान की पहचान नारंगी बाग गांव निवासी अकलेश पाल के रूप में हुई है। अकलेश पाल के पास करीब सात एकड़ जमीन है। उन्होंने अपने छह साथियों के साथ मिलकर वर्ष 2024 में खेत में हीरे की खदान खोदने के लिए संबंधित हीरा कार्यालय से अनुमति ली थी। इसके बाद से ही किसान और उसके साथी खेत में निर्धारित क्षेत्र में हीरे की तलाश कर रहे थे। लगातार मेहनत और उम्मीद के बीच सोमवार सुबह उन्हें वह सफलता मिली, जिसका उन्हें लंबे समय से इंतजार था।

पन्ना अपनी हीरा खदानों के लिए देशभर में जाना जाता है। यहां की धरती ने समय-समय पर किसानों, मजदूरों और खदानों में काम करने वाले लोगों की किस्मत बदली है। खेतों में सामान्य कृषि गतिविधियों के साथ ही कई लोग निर्धारित प्रक्रिया के तहत हीरे की तलाश भी करते हैं। अकलेश पाल और उनके साथियों ने भी इसी उम्मीद के साथ अपने खेत में खदान के लिए अनुमति ली थी। अब 19.68 कैरेट के हीरे के मिलने से उनकी उम्मीदें हकीकत में बदलती नजर आ रही हैं।

सोमवार सुबह खेत में काम के दौरान जब चमकदार पत्थर दिखाई दिया तो पहले उसकी पहचान को लेकर उत्सुकता पैदा हुई। बाद में जांच और वजन के बाद इसके हीरा होने की पुष्टि हुई। हीरे का वजन 19.68 कैरेट बताया गया है। इसकी गुणवत्ता भी अच्छी बताई जा रही है। वजन और गुणवत्ता को देखते हुए इसकी अनुमानित कीमत 40 लाख रुपये से अधिक मानी जा रही है। हालांकि हीरे की वास्तविक कीमत नीलामी की प्रक्रिया में तय होगी।

हीरा मिलने की जानकारी संबंधित विभाग तक पहुंचने के बाद इसे नियमानुसार जमा कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। पन्ना में मिलने वाले हीरों को सरकारी प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रखा जाता है और बाद में उनकी नीलामी कराई जाती है। नीलामी से प्राप्त राशि में से नियमानुसार रॉयल्टी, टैक्स और अन्य निर्धारित कटौतियों के बाद शेष राशि संबंधित पट्टाधारक या वैध प्राप्तकर्ता को दी जाती है। ऐसे में अकलेश पाल और उनके साथियों को भी नीलामी के बाद आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

किसान अकलेश पाल और उनके छह साथियों ने वर्ष 2024 में खेत में हीरे की खदान के लिए अनुमति लेकर अपनी तलाश शुरू की थी। हीरे की खोज का काम आसान नहीं होता। जमीन की खुदाई, मिट्टी-पत्थर की छंटाई और संभावित हीरे की पहचान के लिए लंबे समय तक मेहनत करनी पड़ती है। कई बार लगातार प्रयास के बावजूद कुछ हासिल नहीं होता, लेकिन पन्ना की धरती पर हीरे मिलने की उम्मीद लोगों को मेहनत जारी रखने के लिए प्रेरित करती है।

19.68 कैरेट के इस हीरे के मिलने से किसान के परिवार और साथियों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों के बीच भी यह खबर चर्चा का विषय बन गई है। लोगों के लिए यह घटना इसलिए भी खास है क्योंकि इस साल जिले में मिला यह सबसे भारी हीरा बताया जा रहा है। इससे एक बार फिर पन्ना की हीरा धरती की पहचान और यहां मिलने वाले बेशकीमती रत्नों की चर्चा तेज हो गई है।

किसान के लिए यह खोज आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। खेती से होने वाली आमदनी के मुकाबले इतने बड़े और उच्च गुणवत्ता वाले हीरे की नीलामी से मिलने वाली रकम उसके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकती है। हालांकि अंतिम लाभ नीलामी के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल किसान और उसके साथी हीरा मिलने की खुशी के साथ आगे की आधिकारिक प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं।

पन्ना में हीरे की खोज से जुड़ी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत संचालित होती है। यही वजह है कि खेत में मिला हीरा सीधे बाजार में बेचने के बजाय संबंधित कार्यालय में जमा कराया जाता है। इसके बाद सरकारी स्तर पर उसकी गुणवत्ता, वजन और अन्य मानकों के आधार पर प्रक्रिया पूरी की जाती है। नीलामी में देश के विभिन्न हिस्सों से खरीदार शामिल हो सकते हैं और प्रतिस्पर्धी बोली के आधार पर हीरे की कीमत तय होती है।

अकलेश पाल और उनके छह साथियों की कहानी यह भी बताती है कि पन्ना में हीरे की तलाश किस तरह उम्मीद और मेहनत से जुड़ी हुई है। वर्ष 2024 में अनुमति लेने के बाद उन्होंने लगातार अपने खेत में खोज जारी रखी और आखिरकार सोमवार सुबह उन्हें 19.68 कैरेट का बेशकीमती हीरा मिल गया।

फिलहाल इस हीरे की अनुमानित कीमत 40 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। अंतिम कीमत नीलामी के दौरान सामने आएगी। यदि नीलामी में अच्छी बोली मिलती है तो किसान और उसके साथियों को उम्मीद से भी अधिक आर्थिक लाभ मिल सकता है। 19.68 कैरेट वजन और बेहतरीन गुणवत्ता वाला यह हीरा पन्ना जिले में इस साल की सबसे बड़ी हीरा खोज के रूप में चर्चा में है और इसने एक बार फिर पन्ना की धरती को सुर्खियों में ला दिया है।

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