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AI के दौर में भी इंसानियत की अहमियत कम नहीं, मानवीय गुण बढ़ाएंगे सफलता के मौके: N. Raghu Raman

इंदौर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के बीच इंसान के मानवीय गुणों की अहमियत और अधिक बढ़ गई है। तकनीक काम करने के तरीके को बदल सकती है, लेकिन अच्छाई, संवेदनशीलता, सादगी और साफ मन जैसे गुण व्यक्ति को बेहतर इंसान बनाने के साथ उसके करियर में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह बात मैनेजमेंट एक्सपर्ट और मोटिवेशनल स्पीकर एन. रघु रमन ने बुधवार को श्री अरबिंदो यूनिवर्सिटी में आयोजित इंडक्शन प्रोग्राम के दौरान छात्रों को संबोधित करते हुए कही।
श्री अरबिंदो यूनिवर्सिटी में बीबीए, एमबीए, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन और होटल मैनेजमेंट कोर्स के नए बैच के विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन प्रोग्राम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम IRCAD-इंडिया सेंटर के एसएम भंडारी ऑडिटोरियम में हुआ। इसमें नए विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यक्तित्व विकास, करियर और जीवन में मानवीय मूल्यों के महत्व के बारे में बताया गया।
छात्रों को संबोधित करते हुए एन. रघु रमन ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में भी इंसानियत की अहमियत कम नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति में जितने ज्यादा मानवीय गुण होंगे, उसके आगे बढ़ने और सफल होने के अवसर भी उतने ही अधिक होंगे। उनके मुताबिक इंसानियत व्यक्ति को अच्छा काम करने के लिए प्रेरित करती है और उसे बेहतर इंसान बनने की दिशा में आगे बढ़ाती है।
अपने संबोधन के दौरान रघु रमन ने छात्रों के सामने “ह्यूमैनिटी बास्केट” यानी इंसानियत की टोकरी का कॉन्सेप्ट पेश किया। उन्होंने इस बास्केट में उन गुणों को शामिल किया जो किसी व्यक्ति के व्यवहार और व्यक्तित्व को बेहतर बनाते हैं। इनमें अच्छाई, सादगी, गुस्से से मुक्ति, पूर्वाग्रह से दूरी और साफ मन जैसे मानवीय गुण शामिल हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि करियर में केवल तकनीकी ज्ञान या डिग्री ही पर्याप्त नहीं होती। किसी व्यक्ति का व्यवहार, दूसरों के साथ संवाद करने की क्षमता और परिस्थितियों को मानवीय नजरिए से समझना भी उसके पेशेवर जीवन को प्रभावित करता है। खासकर मैनेजमेंट, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन और होटल मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में लोगों के साथ सीधे संवाद की आवश्यकता होती है, इसलिए मानवीय गुणों की भूमिका और बढ़ जाती है।
रघु रमन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव के संदर्भ में छात्रों को भविष्य के लिए तैयार रहने का संदेश दिया। आज एआई कई क्षेत्रों में काम करने के तरीकों को तेजी से बदल रहा है। डेटा एनालिसिस से लेकर ग्राहक सेवा और प्रबंधन तक विभिन्न क्षेत्रों में नई तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। ऐसे समय में विद्यार्थियों के सामने तकनीक को सीखने के साथ उन गुणों को मजबूत करने की भी चुनौती है, जो इंसान को तकनीक से अलग पहचान देते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में आगे बढ़ते समय सादगी बनाए रखना जरूरी है। इसी तरह गुस्सा व्यक्ति के निर्णय लेने की क्षमता और रिश्तों को प्रभावित कर सकता है। पूर्वाग्रह भी किसी व्यक्ति को दूसरे लोगों या परिस्थितियों के बारे में निष्पक्ष सोचने से रोक सकता है। इसलिए उन्होंने छात्रों को इनसे मुक्त होकर खुले और साफ मन से आगे बढ़ने की सलाह दी।
‘ह्यूमैनिटी बास्केट’ के जरिए उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि हर विद्यार्थी अपने व्यक्तित्व में सकारात्मक गुणों को जोड़ सकता है। जिस तरह किसी टोकरी में अलग-अलग उपयोगी वस्तुएं रखी जाती हैं, उसी तरह व्यक्ति को अपने जीवन में अच्छाई, संवेदनशीलता, विनम्रता और सकारात्मक सोच जैसे गुणों को जगह देनी चाहिए।
नए बैच के लिए आयोजित इंडक्शन कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल से परिचित कराने के साथ उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी रहा। स्कूल से कॉलेज या स्नातक से उच्च शिक्षा की ओर बढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए यह चरण नई जिम्मेदारियों और अवसरों से जुड़ा होता है। ऐसे में विशेषज्ञों के अनुभव और विचार छात्रों को अपने करियर की दिशा तय करने में मदद कर सकते हैं।
बीबीए और एमबीए जैसे मैनेजमेंट पाठ्यक्रमों में नेतृत्व, टीमवर्क और निर्णय लेने की क्षमता महत्वपूर्ण होती है। वहीं हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन में मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के बीच समन्वय की जरूरत होती है। होटल मैनेजमेंट में भी ग्राहक सेवा और व्यवहार का विशेष महत्व है। इन सभी क्षेत्रों में तकनीकी दक्षता के साथ मानवीय दृष्टिकोण पेशेवर क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।
कार्यक्रम के दौरान रघु रमन का मुख्य जोर इसी बात पर रहा कि तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में विद्यार्थियों को केवल मशीनों और डिजिटल टूल्स के इस्तेमाल तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें अपनी मानवीय क्षमताओं को भी लगातार विकसित करना होगा। तकनीक के इस्तेमाल के साथ सहानुभूति, स्पष्ट सोच, सकारात्मक व्यवहार और दूसरों का सम्मान करने जैसे गुण व्यक्ति को अलग पहचान दिला सकते हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर दुनियाभर में रोजगार और भविष्य के कौशल पर चर्चा चल रही है। कई नियमित कार्य ऑटोमेशन की ओर बढ़ रहे हैं और कंपनियां कर्मचारियों से नई तकनीकों को अपनाने की उम्मीद कर रही हैं। ऐसे माहौल में संवाद, नेतृत्व, रचनात्मक सोच और मानवीय समझ जैसे कौशल भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
श्री अरबिंदो यूनिवर्सिटी के इंडक्शन प्रोग्राम में एन. रघु रमन ने विद्यार्थियों को इसी संतुलन को समझने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नई तकनीक सीखना जरूरी है, लेकिन इंसानियत और अच्छे मानवीय गुणों को पीछे नहीं छोड़ा जा सकता। उनका ‘ह्यूमैनिटी बास्केट’ कॉन्सेप्ट भी इसी विचार पर केंद्रित रहा कि करियर में आगे बढ़ने के साथ एक बेहतर इंसान बनना भी सफलता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।





