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इंदौर। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराजा यशवंतराव (MY) अस्पताल में तैनात एक फार्मासिस्ट के आवास पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि फार्मासिस्ट के पास उसकी ज्ञात आय के स्रोतों से करीब 108 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिली है।
EOW ने यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की। अधिकारियों के अनुसार, फार्मासिस्ट राकेश गोर्खे पर आरोप है कि उसने अपने सरकारी पद का कथित दुरुपयोग करते हुए और सरकारी दवा स्टॉक में अनियमितता कर अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित की।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
अधिकारियों ने बताया कि EOW को शिकायत मिली थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि MY अस्पताल में फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत राकेश गोर्खे ने सरकारी दवाओं के स्टॉक से जुड़े कामकाज के दौरान भ्रष्ट तरीके से धन अर्जित किया।
शिकायत मिलने के बाद एजेंसी ने प्रारंभिक जांच शुरू की। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर बुधवार को गोर्खे के घर पर तलाशी अभियान चलाया गया।
आय और संपत्ति में बड़ा अंतर
EOW की शुरुआती जांच के अनुसार, जांच अवधि के दौरान राकेश गोर्खे की वैध आय करीब 1.11 करोड़ रुपये पाई गई।
वहीं, जांच एजेंसी का दावा है कि उसके पास मौजूद कुल संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 2.13 करोड़ रुपये है। यह संपत्ति उसकी ज्ञात आय से लगभग 108 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि आय से अधिक संपत्ति के मामले में दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की विस्तृत जांच की जा रही है।
सरकारी दवा स्टॉक में गड़बड़ी का आरोप
EOW की कार्रवाई केवल संपत्ति की जांच तक सीमित नहीं है। एजेंसी इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या सरकारी दवाओं के स्टॉक और वितरण व्यवस्था में किसी तरह की अनियमितता की गई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि गोर्खे ने अपने पद का इस्तेमाल करते हुए सरकारी संसाधनों में गड़बड़ी की और इससे आर्थिक लाभ हासिल किया।
हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
घर पर की गई तलाशी
EOW की टीम ने बुधवार को राकेश गोर्खे के आवास पर पहुंचकर दस्तावेजों और अन्य संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की।
तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों, बैंक खातों, संपत्तियों और अन्य निवेशों की जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की स्थिति और स्पष्ट हो पाएगी।
भ्रष्टाचार के मामलों पर EOW की कार्रवाई
आर्थिक अपराध शाखा सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार, आय से अधिक संपत्ति और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जांच करती है।
EOW समय-समय पर सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ शिकायतों के आधार पर कार्रवाई करती रही है। आय से अधिक संपत्ति के मामलों में एजेंसी संबंधित व्यक्ति की आय, खर्च और संपत्ति का मिलान करती है।
आगे की जांच जारी
फिलहाल राकेश गोर्खे के खिलाफ जांच जारी है। EOW यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित रूप से अर्जित अतिरिक्त संपत्ति का स्रोत क्या है और क्या इसमें सरकारी दवा स्टॉक से जुड़ी किसी अनियमितता की भूमिका रही है।
जांच एजेंसी आने वाले दिनों में संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड की समीक्षा कर सकती है। जरूरत पड़ने पर अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।
आरोपों पर अभी आधिकारिक जवाब नहीं
इस मामले में फार्मासिस्ट राकेश गोर्खे की ओर से आरोपों को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कानून के तहत किसी भी आरोपी को दोषी तब तक नहीं माना जाता, जब तक अदालत में आरोप साबित न हो जाएं।
कुल मिलाकर, MY अस्पताल के फार्मासिस्ट के खिलाफ EOW की कार्रवाई ने सरकारी विभागों में संपत्ति और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को फिर चर्चा में ला दिया है। अब जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई और रिपोर्ट पर सभी की नजर है।





