मध्य प्रदेश

जनसुनवाई में भावुक मामला: ICU एम्बुलेंस में बुजुर्ग महिला को लाया गया

Kavita2
24 Jun 2026 9:49 AM IST
जनसुनवाई में भावुक मामला: ICU एम्बुलेंस में बुजुर्ग महिला को लाया गया
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को हुई जनसुनवाई के दौरान एक बेहद संवेदनशील और भावुक मामला सामने आया। उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक परिवार गंभीर रूप से बीमार बुजुर्ग महिला को ICU एम्बुलेंस में लेकर पहुंचा, ताकि वे खुद अपनी शिकायत प्रशासन के सामने रख सकें। यह मामला जमीन विवाद और कथित फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जे से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।

परिवार का आरोप है कि उनकी लगभग 2 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कब्जा कर लिया गया है। शिकायत के बावजूद लंबे समय से उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा था, जिसके चलते मजबूरी में परिवार ने बीमार बुजुर्ग महिला को एम्बुलेंस में बैठाकर जनसुनवाई में शामिल होने का निर्णय लिया।

बुजुर्ग महिला के बेटे फरहान ने बताया कि उनकी मां के नाम शहर के गांधी नगर इलाके में दो प्लॉट दर्ज हैं। उनके अनुसार यह जमीन काफी पुरानी है और कानूनी रूप से उनकी मां के नाम पर दर्ज है।

फरहान ने जानकारी देते हुए बताया कि यह प्लॉट वर्ष 1969 में तत्कालीन वेस्ट निवारा क्रेडिट सोसाइटी द्वारा आवंटित किए गए थे। बाद में सभी कानूनी प्रक्रियाओं के बाद संपत्ति का मालिकाना हक उनकी मां के नाम ट्रांसफर कर दिया गया था। परिवार का कहना है कि वे कई वर्षों से इस जमीन के वैध मालिक हैं और सभी दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं।

परिवार का आरोप है कि कुछ लोगों ने इस जमीन पर फर्जी कागजात तैयार कर अवैध तरीके से कब्जा कर लिया है। इस मामले को लेकर उन्होंने कई बार पुलिस और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

लंबे समय से न्याय न मिलने से परेशान होकर परिवार ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह कदम उठाया। गंभीर रूप से बीमार महिला को ICU एम्बुलेंस में लाकर जनसुनवाई में उपस्थित कराया गया, जिससे वहां मौजूद अधिकारियों और लोगों में भी संवेदनशील माहौल बन गया।

जनसुनवाई में मौजूद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवार की शिकायत दर्ज की और आवश्यक दस्तावेजों की जांच के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और यदि फर्जीवाड़ा पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जमीन विवादों में पीड़ित परिवारों को न्याय पाने के लिए कितनी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। बुजुर्ग महिला की हालत और उनका एम्बुलेंस में आकर शिकायत करना वहां मौजूद लोगों के लिए भी भावनात्मक दृश्य बन गया।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस प्रकार के जमीन विवादों में अक्सर दस्तावेजों की जालसाजी और अवैध कब्जे की शिकायतें सामने आती हैं, जिनमें पीड़ित पक्ष को लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।

फरहान ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी मां की जमीन को जल्द से जल्द कब्जा मुक्त कराया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय पर कार्रवाई होती, तो उन्हें अपनी बीमार मां को इस तरह एम्बुलेंस में लाकर संघर्ष नहीं करना पड़ता।

कुल मिलाकर, जनसुनवाई में सामने आया यह मामला न केवल एक जमीन विवाद है, बल्कि यह प्रशासनिक प्रक्रियाओं और न्याय व्यवस्था की धीमी गति पर भी सवाल खड़े करता है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी और कितनी प्रभावी कार्रवाई करता है।

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